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सरकार ने फिर निकाला जनता का तेल

petrol price

यूपी में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, लोगों में बढ़ी महंगाई की चिंता

लखनऊ समेत कई शहरों में पेट्रोल 99 रुपये के पार, डीजल की कीमतों ने भी बढ़ाया दबाव

लखनऊ। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ने के बाद कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। सोशल मीडिया पर सप्लाई प्रभावित होने और आगे और महंगाई बढ़ने की चर्चाओं ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी।

राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत करीब 99 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल भी 92 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ोतरी के कारण वाहन चालकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।

महाराजगंज, गोरखपुर और कानपुर समेत कई जिलों में लोगों ने पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगाईं। कई वाहन चालकों ने टंकी फुल कराई, जबकि कुछ लोग अतिरिक्त कैन में भी पेट्रोल भरवाते नजर आए। हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों ने साफ किया कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है।

तेल कंपनियों की ओर से जारी ताजा दरों के अनुसार, पिछले पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कई बार संशोधन हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल लगभग 87 पैसे और डीजल करीब 91 पैसे महंगा हुआ है, जिसका असर उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी दिखाई दे रहा है।

बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से केवल वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि रसोई से लेकर बाजार तक हर चीज प्रभावित होती है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, फल, दूध और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

उधर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतों से माल ढुलाई महंगी हो रही है। इसका असर जल्द ही खुदरा बाजार में देखने को मिल सकता है। छोटे व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवार पहले से महंगाई की मार झेल रहे हैं, ऐसे में ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है।

बॉक्स

यूपी के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के दाम
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
लखनऊ 99.03 91.73
कानपुर करीब 98.80 करीब 91.50
गोरखपुर करीब 99 रुपये करीब 92 रुपये
वाराणसी करीब 98.90 करीब 91.70

कीमतों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के अनुसार मामूली अंतर संभव है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और टैक्स संरचना इसका बड़ा कारण मानी जा रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक हालात का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भी ईंधन कीमतों में अहम भूमिका निभाते हैं। कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर टैक्स में राहत दी जाए तो आम लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम आदमी पर क्या असर?

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। डीजल महंगा होने से ट्रक और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ जाता है। इसका सीधा असर खाद्यान्न, सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।

बस और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की संभावना भी बढ़ जाती है। नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों का मासिक बजट बिगड़ने लगता है। वहीं छोटे व्यापारी और ट्रांसपोर्ट कारोबारी बढ़ती लागत से परेशान हो जाते हैं।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रही तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। ऐसे में सरकार पर टैक्स में राहत देने का दबाव भी बढ़ सकता है।

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