हर बार की तरह इस बार भी गुजरात के चुनाव में प्रधानमंत्री ने गुजराती अस्मिता का मुद्दा उठाया, उन्होंने लोगों को फिर याद दिलाया कि विपक्ष ने उन्हें क्या क्या नहीं कहा, गलियां दीं, मौत का सौदागर कहा, मुझे और गुजरात को बदनाम करने की हर संभव कोशिशें कीं लेकिन गुजरात ने हर बार इन शक्तियों को नकार दिया, उनके हर मंसूबे पर पानी फेर दिया, मुझे और गुजरात को लेकर कही गयी हर बात का गुजरात के लोगों ने मुंह तोड़ जवाब दिया। प्रधानमंत्री राजकोट के जमकंदोरना में आज एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब जब चुनाव आते हैं यह लोग मुझपर कीचड उछालते हैं, मुझे हर तरह से परेशान करने की कोशिश करते हैं. गुजरात को बदनाम करने के लिए यह लोग कुछ भी करते हैं यहाँ तक कोर्ट कचेहरी में भी गुजरात को बदनाम करने की कोशिश करते हैं लेकिन दशकों से गुजरात ने इनकी हर कोशिश को नाकाम किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं ज़्यादा दूर तक देखता हूँ क्योंकि मैं दिल्ली में बैठता हूँ.
पीएम ने लोगों को कांग्रेस से संभल कर रहने को कहा है, उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि कांग्रेस इस बार सभाएं नहीं कर रही है, प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं कर रही है यहाँ तक कि कांग्रेस मुझपर अपशब्दों का इस्तेमाल भी नहीं कर रही है क्योंकि यह उनकी नई चाल है, कांग्रेस की इस चाल को समझने और होशियार रहने की ज़रुरत है. प्रधानमंत्री ने कल भी गुजरात के लोगों की सतर्क करते हुए कहा था कि इसबार अर्बन नक्सल नए रूप में गुजरात में घुसे हैं, इनसे होशियार रहने की ज़रुरत है क्योंकि यह अर्बन नक्सल गुजरात के विकास के लिए बहुत खतरनाक हैं. इन लोगों ने अपनी वेशभूषा बदल ली है. ये अर्बन नक्सल हमारे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं लेकिन हम अपनी युवा पीढ़ी को तबाह नहीं होने देंगे.गुजरात इन अर्बन नक्सलियों के खिलाफ सिर नहीं झुकाएगा।

