सोशल मीडिया साइट लिंक्डइन ने एक रिसर्च रिपोर्ट जारी की है जिसके अनुसार देश में 88 प्रतिशत लोग नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं. इस रिसर्च के मुताबिक इसमें ज़्यादातर वो लोग हैं जो अपनी मौजूदा नौकरी से संतुष्ट नहीं है और उसे बदलकर अपना जीवन बदलना चाहते हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि नए वर्ष में 100 में 90 लोग अपनी नौकरियां बदलना चाहते हैं। इनमें से 42 फ़ीसदी वो लोग हैं जिनकी रियल लाइफ में उनकी नौकरी बाधा बन रही है और वो उसमें सुधार चाहते हैं और ऐसी नौकरी की तलाश में हैं जिससे उनकी पर्सनल लाइफ और वर्क लाइफ में संतुलन बना रहे, इसके अलावा 37 फ़ीसदी वो लोग हैं जो अपनी सैलरी से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें ज़्यादा पैसे वाली नौकरी चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक नई नौकरी चाहने वालों के लिए राहें आसान नहीं हैं क्योंकि नए साल के शुरू होते ही नए लोग भी जॉब ढूंढने आएंगे ऐसे में उन लोगों के लिए कम्पटीशन भी बढ़ जायेगा जो एक नौकरी के रहते हुए दूसरी नौकरी की तलाश में हैं. रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में कम्पनियाँ AI सॉफ्टवेयर को अपना रही हैं या फिर उनकी भविष्य की योजनाओं में हैं और मौजूदा नौकरीपेशा लोग इस बदलाव से खुद को सहज नहीं पा रहे हैं इसलिए वो उन जगहों पर जाने की कोशिश में नौकरियां बदल रहे हैं जहां AI उनके लिए समस्या न बने।
बता दें कि IMF और दूसरी कई संस्थाओं ने आगाह किया है कि AI के आने से बड़ी संख्या में नौकरियां जाने का खतरा मंडरा रहा है, कल ही गूगल के सीईओ सूंदर पिचाई ने कर्मचारियों को सन्देश दिया है कि कंपनी AI सॉफ्टवेयर और स्वचालन को अपनाने जा रही जिसकी वजह से बड़ी संख्या में छटनी हो सकती है.

