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UP Election: ओवैसी का सपा-कांग्रेस को गठबंधन का ऑफर, बोले- योगी को तीसरी बार CM नहीं बनने देंगे

Owaisi

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर विपक्षी दलों के सामने गठबंधन का दरवाजा खोल दिया है। शामली जिले के कैराना में रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि भाजपा तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाए और योगी आदित्यनाथ फिर मुख्यमंत्री बनें।

ओवैसी ने कहा कि जो राजनीतिक दल भाजपा को दोबारा सत्ता में आने से रोकने का लक्ष्य रखते हैं, AIMIM उनके साथ बातचीत और गठबंधन के लिए तैयार है।

‘योगी तीसरी बार CM न बनें, इसके लिए गठबंधन को तैयार’

ओवैसी ने कहा, “हम पूरी कोशिश करेंगे कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार न बने।”

उन्होंने कहा कि AIMIM भी योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहती और यदि अन्य विपक्षी दलों का उद्देश्य भी यही है तो उनकी पार्टी उनसे हाथ मिलाने के लिए तैयार है।

ओवैसी पहले भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत भाजपा विरोधी दलों को गठबंधन का प्रस्ताव दे चुके हैं।

पहले 2 अक्टूबर तक दिया था समय

सितंबर में कानपुर की एक सभा में ओवैसी ने विपक्षी दलों से कहा था कि AIMIM 2 अक्टूबर तक गठबंधन पर जवाब का इंतजार करेगी।

उन्होंने खास तौर पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से AIMIM को भाजपा विरोधी गठबंधन में शामिल करने की अपील की थी। हालांकि उस समय कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया। बाद में ओवैसी ने कहा कि गठबंधन को लेकर बातचीत अभी भी जारी है।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इससे पहले कह चुके हैं कि उनकी पार्टी उसी गठबंधन को आगे बढ़ाना चाहती है जिसने पिछले चुनावों में भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ा था।

बिहार का दिया उदाहरण

ओवैसी ने अपने गठबंधन प्रस्ताव को लेकर बिहार का उदाहरण भी दिया।

उनका कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान AIMIM ने विपक्षी दलों के सामने छह सीटों पर समझौते का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद AIMIM अब उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकता के प्रयासों के लिए तैयार है।

अखिलेश यादव पर जमकर बरसे ओवैसी

गठबंधन का प्रस्ताव देने के साथ ही ओवैसी ने कैराना की सभा में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला भी किया।

उन्होंने मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन तो चाहती है, लेकिन स्वतंत्र मुस्लिम नेतृत्व को पर्याप्त अवसर नहीं देती।

ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का नाम “समाजवादी यादव परिवार” कर देना चाहिए। उन्होंने आजमगढ़ और फिरोजाबाद जैसी सीटों का उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव के परिवार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व केंद्रित करने का आरोप लगाया।

ये ओवैसी के राजनीतिक आरोप हैं और समाजवादी पार्टी का पक्ष इससे अलग है।

‘जब तक अब्दुल नेता नहीं बनेगा…’

ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं से अपनी राजनीतिक नेतृत्व क्षमता विकसित करने की अपील भी की।

उन्होंने कहा कि AIMIM युवा मुसलमानों को राजनीतिक मंच देना चाहती है ताकि वे खुद नेतृत्व करें और समुदाय से जुड़े मुद्दे उठा सकें।

ओवैसी ने कहा कि समस्या इस बात से है कि “अब्दुल को नेता नहीं बनने दिया जाएगा।” उनकी यह टिप्पणी मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे के संदर्भ में थी।

अखिलेश के ‘रावण’ वाले बयान पर पलटवार

ओवैसी ने अखिलेश यादव के हालिया “रावण” वाले बयान पर भी जवाब दिया।

22 अक्टूबर को रामपुर में आजम खान से मुलाकात के बाद ओवैसी से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा था कि “रावण भी वेशभूषा बदलकर आया था” और यहां तो वर्षों से भेष बदला हुआ है। उनकी टिप्पणी को ओवैसी पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा गया।

कैराना में ओवैसी ने इसे अपने खिलाफ टिप्पणी बताते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश भाजपा और RSS जैसी भाषा बोल रहे हैं।

उन्होंने अखिलेश को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे।

मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर भी सपा को घेरा

ओवैसी ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और उस समय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

ओवैसी ने इस मुद्दे को मुस्लिम मतदाताओं के स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की अपनी मांग से जोड़ा।

1 नवंबर की INDIA रैली से AIMIM ने बनाई दूरी

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA bloc की रैली को लेकर भी ओवैसी ने अपना रुख स्पष्ट किया है।

उन्होंने कहा कि AIMIM का इस रैली से कोई संबंध नहीं है। रैली Special Intensive Revision (SIR), मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों के बीच आयोजित की जा रही है।

इस तरह ओवैसी एक तरफ उत्तर प्रदेश में भाजपा विरोधी चुनावी गठबंधन के लिए तैयार होने की बात कह रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्तर पर INDIA bloc से अपनी अलग राजनीतिक पहचान भी बनाए हुए हैं।

यूपी चुनाव से पहले AIMIM की रणनीति साफ

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM लगातार अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा रही है।

ओवैसी की रणनीति में दो बातें साथ-साथ दिखाई दे रही हैं—एक तरफ वह सपा और कांग्रेस के मुस्लिम प्रतिनिधित्व के रिकॉर्ड पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए इन्हीं विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना भी खुली रख रहे हैं।

फिलहाल समाजवादी पार्टी या कांग्रेस की ओर से ओवैसी के ताजा प्रस्ताव पर किसी नए औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए यह साफ होना बाकी है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में AIMIM किसी बड़े विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बनेगी या अलग चुनाव लड़ेगी।

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