Service Charge: फूड डिलिवरी एप्स और साइट्स ऐसे हैं जो दिशा-निर्देशों के बाद बिल में सर्विस चार्ज लगा रहे हैं। जोमैटो और स्विगी जैसे ऑनलाइन साइट्स सर्विस चार्ज का नाम बदलकर रेस्तरां हैंडलिंग चार्ज और रेस्तरां पैकेजिंग चार्ज के नाम पर सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं। इसी के साथ वो यह भी कह रहे हैं कि टैक्स और चार्जेस मामले में उनका कोई रोल नहीं। ये सरकार और रेस्तरां की ओर से तय किए गए हैं।
चार जुलाई, 2022 को, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने होटल और रेस्तरां में ग्राहकों के अधिकारों के उल्लंघन रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल में मनमाने ढंग से सर्विस चार्ज वसूलने के मामले में 12 अप्रैल 2023 को दिए अपने दिशा-निर्देशों को नहीं मानने पर एनआरएआई और एफएचआरएआई (होटल और रेस्तरां संगठन) पर जुर्माना लगाया था। लेकिन फिर भी कई रेस्तरां, ऑनलाइन फूड डिलिवरी एप्स और साइट्स ऐसे हैं जो अपने बिल में सर्विस चार्ज को जोड़ रहे हैं। जोमैटो और स्विगी जैसे ऑनलाइन ऐप ने सर्विस चार्ज का नाम बदलकर रेस्तरां हैंडलिंग चार्ज व रेस्तरां पैकेजिंग चार्ज कर दिया है। इनकी बदौलत सर्विस चार्ज धड़ल्ले से वसूला जा रहा है। इसी के साथ वे यह कह रहे हैं कि टैक्स और चार्जेस वसूली मामले में सरकार और कंपनी की ओर से तय किए नियम हैं।
सर्विस चार्ज का भुगतान करने या नहीं करने का विकल्प
ऐसे मामले सोशल मीडिया की सुर्खियां बनते हैं। खास बात यह कि ऐसे अधिकांश मामलों में उपभोक्ताओं को सर्विस चार्ज का भुगतान करने या नहीं करने का विकल्प नहीं मिल पाता है। ऐसा तब है जब सीपीपीए के निर्देशों में कहा है कि रेस्तरां और होटलों में चार्ज करने वाला सेवा शुल्क अवैध है। इसे स्वचालित रूप से या डिफॉल्ट रूप से भोजन बिलों में नहीं जोड़ा जा सकता है। अगर ऑनलाइन खाना मंगवाते हैं या एक रेस्तरां में खाना खाने जाते हैं यदि सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे में इस अभ्यास के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का विकल्प है। रेस्तरां में सेवा शुल्क लगाने के खिलाफ नियम निर्धारित किए गए हैं। यदि इस शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है तो ग्राहक के रूप में इसकी शिकायत की जानी चाहिए।

