मेरठ। एथनाल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग में तेल कंपनियां अड़ंगा लगा रही हैं। इससे प्रभावित चीनी उद्योग ने सरकार से गुहार लगाई है। पेट्रोलियम आयात पर नियंत्रण, प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के उद्देश्य से ही सरकार ने एथनाल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग की बात की थी।
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सरकार का लक्ष्य इसको प्रोत्साहित करने के साथ ही 2025 तक पेट्रोल में 20 फीसदी तक एथनाल मिश्रित करने का लक्ष्य रखा गया था। अब एथनाल उत्पादन की राह में तेल कंपनियां रोड़ा लटका रही हैं। चीनी उद्योग एथनाल उत्पादन में अहम भूमिका निभा रहा है। लेकिन तेल कंपनियों के अड़ंगा लगाने के बाद से चीनी उद्योग ने कंपनियों के रुख से परेशान हो गया है। चीनी उद्योग ने अब सरकार से इस मामले में दखल की गुहार की है।
पूरे देश में एथनाल उत्पादन में 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक की है। लेकिन इसके बाद भी एथनाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने में कंपनियों ने इन प्रमुख राज्यों को चार फीसदी का आवंटन किया है। तेल कंपनियां गन्ना व शीरा से बनाने वाले एथनाल को हतोत्साहित करने का काम कर रही है। इससे इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) में रोष है। इस्मा ने उपभोक्ता मामले के अलावा खाद्य सचिव को इस संबंध में पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई है।
