हरिद्वार। अगर आप माँ गंगा के भक्त है और गंगा आरती बुक करना चाहते है तो आपको हरिद्वार आकर बुक करने के झंझट से अब राहत मिलने जा रही है। दरअसल अभी तक अगर आपको अपने या अपनों के नाम से गंगा आरती करनी होती थी तो आपको हरिद्वार आकर ही आरती बुक करनी पड़ती थी। उसके बाद भी आपको न जाने का का समय मिले और आप दुबारा आकर अपने या अपनों के नाम से गंगा आरती करते. हरिद्वार हर की पौड़ी पर गंगा के रखरखाव का जिम्मा संभाल रही गंगा सभा ने अब गंगा आरती के डिजटिलजेशन का फैसला लिया है। हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर प्रतिदिन 11 आरतियां की जाती है जिन्हे देश के अलग अलग हिस्सों से आकर अपनों के नाम से बुक करते है। गंगा सभा ने इस दिशा में काम करते हुए अब वेबसाइट के माधयम से आरतियां बुक कराने का फैसला लिया है।
श्री गंगा सभा ने अहम निर्णय लेते हुए मां गंगा की आरतियों को बुक करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराने जा रही है, इसके बाद कोई भी व्यक्ति कहीं से भी मां गंगा आरती बुक करके रसीद प्राप्त कर सकता है। मां गंगा की आरती करने का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकता है,यह सुविधा एक से डेढ़ माह में उपलव्ध हो जाएगी और इसके लिए वेबसाईड तैयार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है ,आरतियों की बुकिंग पहले संवत से लेकर अगले वर्ष के संवत तक की जाती है लेकिन ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलने से व्यक्ति को ऑनलाइन ही सारी जानकारी मिल जाएगी कि किस डेट में कौन सी आरती खाली है और वह कौन सी आरती बुक कर सकता हैं।
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श्री गंगा सभा महामंत्री तन्मय वशिष्ठ का कहना है कि आज डिजिटलाईजेशन का जमाना है और हर चीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जा रही है और समय की मांग भी यही है कि जो बुकिंग की व्यवस्था की जाती है आरती बुकिंग की व्यवस्था है वह भी हमारे द्वारा ऑनलाइन सुविधा में उपलब्ध कराई जा रही है जिससे कि आप चाहे तो हमारे कार्यालय में आकर के आरती बुक करवा सकते हैं या ऑनलाइन बुक कर ले और दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं, वर्तमान में हमारे यहां 11 आरतियां हैं और समय और आवश्यकता के अनुसार अगर जरूरत होगी तो भविष्य में भारतीयों को बढ़ाने के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा फिलहाल हमारे पास 11 आरतियां ही है ।

