बजरंग पुनिया के बाद अब महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अपने पुरूस्कार वापस करने का एलान कर दिया है, उन्हें ऐसे पुरुस्कारों से अब घिन्न आने लगी है , विनेश अब उस छवि से छुटकारा पाना चाहती है जो पुरूस्कार लेते हुए बनी थी. विनेश ने प्रधानमंत्री मोदी को बड़ा मार्मिक पत्र भी लिखा और अपनी व्यथा भी बयान की. विनेश ने प्रधानमंत्री से इस बात के लिए अनुरोध किया कि वो अपने व्यस्त समय से पांच मिनट निकालकर बृजभूषण सिंह के उन बयानों को सुने जो उसने महिला पहलवानो को लेकर मीडिया में दिए थे.
बता दें कि विनेश फोगट खेल रत्न और अर्जुन अवार्डी हैं. आपको याद होगा कि ओलम्पियन साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया के साथ ही विनेश फोगाट और दुसरे कई पहलवानों ने इसी साल के शुरुआत में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला था. बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे. देश का मान बढ़ाने वाली बेटियां इन्साफ के लिए सड़कों पर थीं मगर सत्ता से नज़दीकी ने भाजपा सांसद और WFI के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह का कुछ बिगड़ने नहीं दिया, जब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया तब जाकर सरकार ने बृजभूषण सिंह की WFI से छुट्टी की. इसके बाद जब कमेटी में फिर से चुनाव हुए तब बृजभूषण सिंह के बेहद करीबी और बिजनेस पार्टनर संजय सिंह अध्यक्ष चुनकर आए. इन चुनावों के बाद भी पहलवानों ने खुला विरोध किया था.
साक्षी मलिक के कुश्ती छोड़ने और बजरंग पुनिया के पद्म पुरूस्कार वापसी की घोषणा ने सरकार को कुछ एक्शन लेने के लिए मजबूर कर दिया, खेल मंत्रालय ने नई कमेटी को रद्द करते हुए संजय सिंह समेत पूरी कमेटी को हटा दिया था. लेकिन महिला पहलवान अब भी संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि बृजभूषण सिंह के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है, पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे थे. विनेश फोगाट ने आज अपने अवार्ड वापस करने का एलान करके जाता दिया है कि ये मामला अभी ठंडा होने वाला नहीं. विनेश फोगाट ने प्रधानमंत्री मोदी को जो पत्र लिखा है उसकी भाषा में एक लताड़ छुपी हुई है, पत्र की भाषा बता रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की कथनी और करनी में कितना फर्क है.

