वाराणसी। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुरेश गोपी ने केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए गए कृषि कानूनों को लेकर दावा किया है की , “आप चाहें ना चाहें एक दिन कृषि कानून वापस लाए जाएंगे।” उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने को लेकर उनके अंदर काफी गुस्सा है। गौरतलब है कि किसानों द्वारा विरोध किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को रद्द कर दिया था।
वहीं उनके बयान के बाद संत अतुलानंद रचना परिषद के सचिव राहुल सिंह ने कहा कि सांसद जी के बयान से मैं इत्तेफाक नहीं रखता अपने बयान के बारे में वह खुद ही बेहतर बता सकते हैं लेकिन इतना जरूर है की कृषि कानून किसानों के हक में था।
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आज किसान अपनी फसल को विक्रय केंद्र पर ना बेचकर प्राइवेट लोगों को बेच रहा है क्योंकि उन्हें सरकारी रेट से ज्यादा रेट प्राइवेट व्यापारियों द्वारा दिया जा रहा है। कृषि कानून लागू करने से पूर्व तमाम बुद्धिजीवियों ने काफी रिसर्च किया और न सिर्फ किसी एक पार्टी ने बल्कि सभी पार्टियों ने पूर्व में कृषि कानून को लेकर रिसर्च किया है और उन सभी रिसर्च का प्रतिफल कृषि कानून था लेकिन कुछ लोग बहकावे में आकर कृषि कानून का विरोध किये जिसके फलस्वरूप सरकार को कृषि कानून वापस लेना पड़ा।
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उसने बताया कि वह खुद भी एक किसान है और उनके परिवार में अच्छी खासी खेती होती है जब किसी कानून लागू हुआ तो उन्हें काफी खुशी हुई लेकिन कृषि कानून की वापसी ने उन्हें निराश किया। हालांकि बातचीत के दौरान राहुल सिंह ने यह बात माना की कृषि कानून के फायदे किसानों को समझाने में लोकल स्तर के नेता नाकाम रहे जिसकी वजह से कृषि कानून का किसानों ने बिना जाने विरोध किया।

