दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 25 जुलाई को दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल की हिरासत 31 जुलाई तक बढ़ा दी, जबकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में उनकी न्यायिक हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ा दी गई। उन्हें तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।
इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई मामले में उनकी न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी, जबकि इसी घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी। इस बीच, जज ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के कविता और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 31 जुलाई तक बढ़ा दी। आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।
29 जून को केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उन्हें 12 जुलाई को कोर्ट में पेश करने के आदेश के अनुसार कोर्ट में पेश किया गया। 26 जून को कोर्ट ने केजरीवाल को तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि केजरीवाल को 29 जून को शाम 7 बजे से पहले फिर से पेश किया जाए, साथ ही उनके वकीलों और पत्नी को दिन में एक बार एक घंटे के लिए उनसे मिलने की अनुमति दी।

