ड्रोन से भेजे गए हथियार और IED की खेप का खुलासा, संदिग्धों के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए
देशभर में धमाकों की साजिश का इनपुट, पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हुए लखनऊ, सीतापुर और वाराणसी समेत कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित बताए जा रहे आतंकी नेटवर्क और उसके भारतीय सहयोगियों की तलाश में की गई। एजेंसियों के निशाने पर पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी का नेटवर्क है, जिस पर देश में बड़े स्तर पर IED ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान NIA की टीमों ने कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। जांच अधिकारियों ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि देश के भीतर कौन लोग इस नेटवर्क को मदद पहुंचा रहे थे और उनकी गतिविधियां कितनी व्यापक थीं।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले की शुरुआत पंजाब पुलिस की जांच से हुई थी। फरवरी में पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) को खुफिया जानकारी मिली थी कि भारत-पाक सीमा के जरिए ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भेजी गई है। जांच में सामने आया कि यह खेप जसवीर चौधरी के निर्देश पर उसके भारतीय सहयोगियों तक पहुंचाई गई थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क पंजाब, दिल्ली और अन्य राज्यों में समन्वित धमाकों की तैयारी कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, अगर समय रहते खुफिया इनपुट नहीं मिलता तो भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया जा सकता था। बरामद सामग्री का इस्तेमाल दहशत फैलाने और बड़े नुकसान के लिए किए जाने की आशंका है।
मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आने के बाद 21 मार्च 2026 को जांच NIA को सौंप दी गई थी। अब एजेंसी नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन और सीमा पार बैठे हैंडलर्स से जुड़े संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ड्रोन के जरिए हथियार और IED की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बनती जा रही है। तकनीक के इस्तेमाल से आतंकी नेटवर्क अपनी गतिविधियों को और अधिक संगठित तरीके से अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां तथा नई छापेमारी हो सकती हैं।
