Electric Car Market: जेएसडब्ल्यू ग्रुप इलेक्ट्रिक कार बाजार में उतरने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक समूह की प्रवर्तक इकाई देसी बाजार में जल्द ही electric car उतरेगी। जेएसडब्ल्यू ग्रुप के इस electric car की कीमत 15 से 20 लाख रुपए के बीच होगी। जेएसडब्ल्यू ग्रुप इसके लिए कई ई-कार कंपनियों से बात कर रही है। सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाला जेएसडब्ल्यू ग्रुप इसके लिए एमजी मोटर इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने की बात कर रहा है। एमजी मोटर भारतीय बाजार में 23.28 लाख रुपए कीमत वाली ‘एमजी जेडएस’ ईवी और 9.98 लाख रुपए की छोटी इलेक्ट्रिक कार ‘कॉमेट’ उतार चुकी है।
एमजी मोटर के चीनी प्रवर्तक कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी
सूत्र के मुताबिक बातचीत सफल रही तो एमजी मोटर के चीनी प्रवर्तक कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी रखेंगे। बातचीत में कंपनी का मूल्य 1.2 अरब से 1.5 अरब डॉलर रहने की जानकारी है। भविष्य में जेएसडब्ल्यू ग्रुप की आने वाली इलेक्ट्रिक कार कई खूबियों से लैस होगी। जेएसडब्ल्यू ग्रुप इस तरह की कार लांच करने की योजना बना रहा है जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कार होने के साथ ही उसमें अन्य कारों से बिल्कुल अलग खूबियां हो। एमजी मोटर का अधिग्रहण ई-वाहन कारोबार में उतरने के लिए जेएसडब्ल्यू की ये मुख्य योजना है। अधिग्रहण से उसके पास पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन आ जाएंगे। एमजी मोटर से सौदा नहीं हो पाया तो समूह की दूसरी योजना तैयार है। जेएसडब्ल्यू फिलहाल एमजी मोटर से बातचीत पूरा होने का इंतजार कर रहा है। एमजी मोटर का कारखाना हलोल में है। जहां साल में 1.50 लाख कारों का उत्पादन किया जाता है। विस्तार के लिए कंपनी को नए कारखाने की जरूरत होगी। चेन्नई में फोर्ड का कारखाना खरीदने में उसने दिलचस्पी दिखाई है।
ईवी कारोबार में उतरने की योजना
जिंदल ने पहली बार 2017 में सूचीबद्ध इकाई जेएसडब्ल्यू एनर्जी के जरिये ईवी कारोबार में उतरने की योजना बनाई थी। लेकिन शेयरधारकों की आपत्ति के कारण योजना को टाल दिया गया। सूत्रों ने कहा कि नई पीढ़ी के खरीदारों के बीच मांग बढ़ने के बावजूद पिछले पांच साल में कोई भारतीय कंपनी ई-कार श्रेणी में तेजी से आगे नहीं बढ़ी। जेएसडब्ल्यू समूह को लगता है कि उद्योग की कोई बड़ी कंपनी जरूरी बड़े कदम नहीं उठा रही है। कुछ ईवी तो पेट्रोल-डीजल कारों में इंजन आदि में तब्दीली करके बना रही हैं।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश में 18,917 ई-कार बिकीं हैं। जिनमें सबसे अधिक 10,846 कार टाटा मोटर्स ने बेचीं हैं। 1,902 ई-कार बेचकर एमजी मोटर्स दूसरे नंबर पर रही है। भारत में वर्ष में 40 लाख यात्री वाहन बेचे जाते हैं। जिनका आंकड़ा 2030 तक बढ़कर दोगुना हो जाने की संभावना है।
30 प्रतिशत हिस्सा ईवी, हाइड्रोजन या वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली कारों का
सूत्रों के अनुसार कंपनी को लगता है कि 2030 में बिकने वाली 80 लाख कारों में कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा ईवी और हाइड्रोजन या वैकल्पिक ईंधन से चलने वाली कारों का ही होगा। इस कारण से ग्रुप को यह बड़ा मौका लग रहा है। उसने तकनीकी साझेदार जुटाने की कोशिश शुरू की है। मुनाफा देने और बड़ी संख्या में बनने वाली 15 से 20 लाख रुपए दाम वाला इलेक्ट्रिक कार china Modal सही था।

