Jan Aushadhi: जन औषधि दवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। देश में जन औषधि दवाओं का कारोबार 1236 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना PMBJP के तहत दुकानदारों को कुल बिक्री का 20 प्रतिशत लाभ अलग से दिया जाता है। ऐसे से 2022 में दुकानदारों को करीब 247 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
देश में सस्ती दवाओं यानी जन औषधि दवाओं पर भरोसा तेजी से बढ़ा है। इसका लाभ न सिर्फ मरीज उठाते हैं। बल्कि जन औषधि दुकानदार से लेकर सरकार को भी इससे फायदा हो रहा है। बीते साल देखें तो जन औषधि के माध्यम से दुकानदारों ने 247 करोड़ रुपए का लाभ कमाया ।करीब आठ साल पहले यह लाभ दो करोड़ रुपए था। अब इसमें 103 गुना बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान सालाना कारोबार 12 से बढ़कर 1236 करोड़ रुपए पर पहुंचा है।
यूपी में सर्वाधिक जन औषधि केंद्र
पीएमबीजेपी के मुताबिक, देश में 9484 जन औषधि केंद्र हैं। सरकार इसी वर्ष दिसंबर तक इनकी संख्या 10 हजार से अधिक करने की तैयारी में है। मौजूदा समय में यूपी में जन औषधि केंद्र 1410 और कर्नाटक में 1076 जन औषधि केंद्र हैं। जबकि दिल्ली में 395, पंजाब में 319, हरियाणा में 256, जम्मू कश्मीर में 226, उत्तराखंड में 224, हिमाचल प्रदेश में 61 और चंडीगढ़ में 11 जन औषधि केंद्र केंद्र हैं।
10 लाख लोग प्रतिदिन खरीद रहे दवा
पीएमबीजेपी सीईओ रवि दधीचि ने बताया कि देश के 756 में से 651 जिलों में 9484 जन औषधि केंद्रों पर रोज 10 लाख से अधिक लोग दवा खरीद रहे हैं। जिन्हें ब्रांडेड की तुलना में कई गुना सस्ती दवाएं मिलती हैं। प्रति माह इन केंद्रों को मिलाकर करीब 120 करोड़ रुपए का कारोबार हो रहा है।

