पटियाला। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला की सेंट्रल जेल से रिहा हो गए हैं। 59 वर्षीय कांग्रेस नेता 1988 के रोड रेज के मामले में एक साल की सजा काट रहे थे। जेल से बाहर आते ही
सिद्धू ने कहा कि इस देश में जब भी कोई तानाशाही आई है। एक क्रांति भी आई है। इस बार उस क्रांति का नाम है राहुल गांधी। वह सरकार को हिला देंगे।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में राष्ट्रपति शासन लाने की साजिश की जा रही है। अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब को कमजोर करने की कोशिश की तो कमजोर हो जाओगे। अभी लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। जेल से बाहर आए सिद्धू ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि सत्य को दबाने का प्रयास सफल नहीं हो सकता। आज लोकतंत्र बेड़ियों में है।
आज नवजोत सिद्धू को जेल से रिहा कर दिया गया है। वे पटियाला जेल से बाहर आए और झुककर अभिवादन किया। जेल के बाहर खड़े सिद्धू के समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार जानबूझकर रिहाई में देरी करवा रही है। सूत्रों से पता चला है कि नवजोत सिद्धू को अब वाई सिक्योरिटी दी जा रही थी। जबकि जेल जाने से पहले उनके पास जेड सिक्योरिटी थी। सिद्धू जेड सिक्योरिटी की मांग पर अड़ गए हैं।
पटियाला नगर निगम ने शहर में सिद्धू के समर्थन में लगे बैनर उतार दिए। नवजोत सिद्धू के इंतजार में बाहर खड़े समर्थकों मे उस समय भगदड़ मच गई जब किसी ने पास के पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते पर पत्थर मार दिया। जेल की औपचारिकता पूरी करके नवजोत सिद्धू जेल से बाहर आए।
पटियाला जेल के बाहर नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक सुबह से उनका इंतजार कर रहे हैं। जेल के बाहर समोसा और लड्डू बांटे जा रहे हैं। पटियाला जेल के बाहर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बेटे करण सिद्धू ने बताया कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनके पिता जेल से बाहर आए है।

