USA 9/11 terrosist attack: अमेरिका में 9/11 हमले के साजिशकर्ताओं के मौत की सजा माफ हो सकती है। इस खबर से 9/11 terrosist attack के पीड़ितों में रोष है। 9/11 attack में भतीजे टॉमी जर्गेन को खोने वाले ब्रैड ब्लैकमेन अमेरिका की इस डील से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें वादा किया था कि आतंकियों को कड़ी सजा मिलेगी। हम उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसा ही होगा।
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में आतंकी हमले में 3000 के करीब लोगों की मौत हुई थी। इस आतंकी हमले ने दुनिया को हिला दिया था। अब जानकारी आ रही है कि 9/11 terrosist attack के साजिशकर्ताओं के मौत की सजा माफ हो सकती है। इसको लेकर आतंकी हमले में मृत लोगों के परिजनों में नाराजगी है। इस जानकारी के बाद पीड़ित ठगा महसूस कर रहे हैं।
अभियोजन और बचाव पक्ष में समझौता
दरअसल इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच समझौता हुआ है। जिसके तहत आतंकी हमले के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद और चार अन्य साजिशकर्ता अगर अपराध स्वीकार कर लेते हैं तो उसके बदले में मौत की सजा नहीं दी जाएगी। पेंटागन ने इस बारे में हमले में मारे लोगों के परिजनों को चिट्ठी लिखी है।
पीड़ित परिजनों में आक्रोश
पेंटागन की इस चिट्टी के बाद से पीड़ितों के परिजन नाराज हैं। इनमें से एक महिला क्रिस्टीन ब्रीटवाइजर ने समझौते पर नाराजगी जताई है। बता दें ब्रीटवाइजर के पति की 11 सितंबर 2001 को आतंकी हमले में मौत हुई थी। ब्रीटवाइजर का कहना है— ‘मैं इससे बहुत दुखी हूं। मुझे लगा कि मैं अमेरिका में रहती हूं, जहां कानून का शासन है लेकिन अब सच में ऐसा नहीं है।’ पीड़ित परिजनों का कहना है कि इस समझौते के चलते मामला बिना ट्रायल खत्म हो जाएगा। 9/11 terrosist attack के आतंकी हमले का सच सामने नहीं आ पाएगा।
समझौते के समर्थन में उतरे लोग
अमेरिका में कुछ लोग डील का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर साल मुकदमे में देरी के चलते कई पीड़ित परिजन दोषियों को सजा मिलते देखे बिना मर सकते हैं। साथ ही ये हो सकता है कि दोषी खुद बिना सजा पाए ही खुद मर जाएं। डील का समर्थन करने वाले एक एनजीओ के लोगों का कहना है कि पीड़ितों के परिजन बीते 20 सालों में दोषियों को सजा मिलती देखे बिना इस दुनिया से चले गए हैं। इस डील से मामला खत्म हो सकता है।
इसलिए अटका है ये मामला
9/11 terrosist attack के पांच साजिशकर्ता ग्वांतेनामो बे जेल में बंद हैं। मिलिट्री ट्रिब्युनल उनके मामले की सुनवाई कर रहा है। हालांकि बीते सालों से सुनवाई में देरी हो रही है। इसकी वजह सीआईए पर आरोप है कि उसने साजिशकर्ताओं को टॉर्चर कर सबूत जुटाए हैं। ऐसे में इसे लेकर सवाल उठे हैं कि क्या इन सबूतों को कोर्ट में पेश किया जा सकता है या नहीं। 9/11 terrosist attack के साजिशकर्ता अम्मार अल बलुची के वकील जेम्स कॉनेल ने कहा कि वह अपना दोष स्वीकार करने को तैयार है। ग्वातेनामो जेल में लंबी सजा काटने के लिए तैयार है। इसके बदले में जो टॉर्चर किया गया, उसके लिए अम्मार को मेडिकल केयर मिले और इसी के साथ उसे मौत की सजा ना दी जाए।

