नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए नया समन जारी करते हुए 23 जून को कार्यालय तलब किया है। वही राहुल गाँधी से 13 जून को पूछताछ होगी। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने 13 जून को पूरे देश में बड़े विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की है। बता दें कि सोनिया गाँधी कोरोना से संक्रमित हो गयी थी इसलिए वह 8 जून को ED के सामने नहीं पेश हुई थीं।
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दरअसल नेशनल हेराल्ड केस स्वामित्व के ट्रांसफर का केस है जिसे सबसे पहले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मनमोहन सिंह के कार्यकाल में उठाया था। सुब्रमण्यम स्वामी हमेशा से गाँधी परिवार के खिलाफ मुखर रहे हैं विशेषकर सोनिया गाँधी के खिलाफ। वहीँ कांग्रेस पार्टी इस मौके को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है और उसने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, कल पूरे देश में कांग्रेस पार्टी प्रेस वार्ताओं का आयोजन कर रही है। यूपी की राजधानी लखनऊ में भी कल दोपहर तीन बजे सचिन पायलट प्रेस वार्ता को सम्बोधित करेंगे, इसके अलावा ED के सभी ऑफिसों पर कांग्रेस कार्यकर्ता सत्याग्रह पर बैठकर ED की कार्रवाई पर विरोध जताएंगे।
वहीँ कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रिय स्तर के सभी नेताओं को 13 जून को दिल्ली बुलाया गया है, इसलिए लग रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस पार्टी बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। कांग्रेस पार्टी इसे राजनीतिक रंग देना चाह रही है और लोगों को बताना चाह रही है कि यह मोदी सरकार बदले की कार्रवाई कर रही है। वह सरकारी संस्थाओं के ज़रिये कांग्रेस नेताओं को डराना छह रही है।
क्या है मामला
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में आरोप लगाया था कि सोनिया गाँधी और राहुल के साथ कुछ अन्य लोगों ने फर्जी तरीके से यंग इंडियन लिमिटेड के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) का अधिग्रहण कर लिया। जबकि यंग इंडियन लिमिटेड की उतनी नेटवर्थ ही नहीं है जितने कीमत का यह अधिग्रहण है। बता दें कि AJL के तहत ही नेशनल हेराल्ड, नौजीवन और क़ौमी आवाज़ अख़बारों का प्रकाशन होता था.

