नीट विवाद पर बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाबदेही और निष्पक्षता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधान ने जोर देकर कहा कि गड़बड़ी के दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नीट विवाद पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों पर 1,563 अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा का आदेश दिया गया है। दो जगहों पर अनियमितताएं पाई गई हैं। सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। अगर एनटीए के कोई भी उच्च पदस्थ अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सख्त परिणाम भुगतने होंगे। एनटीए में बड़े सुधार की जरूरत है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि कोई भी गलत काम करने वाला सजा से बच न पाए।”
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने ग्रेस मार्क्स पाने वाले उम्मीदवारों के परिणामों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक समिति का गठन किया है। NTA ने इन छात्रों के मूल scorecard रद्द करने और दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया है।
पुनः परीक्षा 23 जून को होनी है, जिसके परिणाम 30 जून से पहले आने की उम्मीद है। 5 मई को 4,750 केंद्रों पर लगभग 24 लाख छात्रों के लिए आयोजित की गई परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने और अनुचित ग्रेस मार्क्स दिए जाने के आरोप लगे हैं, जिसके कारण कई अदालतों में विरोध प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई हुई है।

