नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 तक एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं को समाप्त करने के किए आह्वान के अनुरूप सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021 को अधिसूचित किया था। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अब प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। देश में अब कल यानी एक जुलाई 2022 से एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, भंडारण,आयात,बिक्री,वितरण और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।
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एकल उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं के कारण होने वाले प्रदूषण को दूर करना पर्यावरणीय चुनौती बन गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले कचरा प्रदूषण को कम करने के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में जो वस्तुएं शामिल हैं। उनमें गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक,प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड, कैंडी स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, सजावट के लिए थर्मोकोल,आइसक्रीम स्टिक, कप, प्लास्टिक की प्लेट, कटलरी, गिलास, चम्मच, कांटे, स्ट्रॉ, चाकू, ट्रे, मिठाई डिब्बों को रैप पैक वाली फिल्म, सिगरेट के पैकेट,निमंत्रण कार्ड, 100 माइक्रोन से कम वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर इत्यादी। प्लास्टिक अपशिष्ट संशोधन नियम 2021 के अंतर्गत 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले कैरी बैग के निर्माण, आयात, संग्रहण, वितरण, बिक्री उपयोग पर गत 30 सितंबर 2021 से और 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सामान पर 31 दिसंबर, 2022 से प्रतिबंध लगाया गया है।

