बहराइच:
वक़्फ़ नम्बर 19, दरगाह शरीफ़ बाले मियां की दरगाह में हुए 50 करोड़ के घोटालों की जांच और यहां के अध्यक्ष शमशाद अहमद की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर 20 जून से भाजपा नेता लाडले खां भूख हड़ताल पर कफ़न लेकर बैठे हैं।
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भाजपा नेता कहते हैं कि मैं जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना शुरू करना चाहता था लेकिन प्रशासन ने इजाज़त नहीं दी, इसलिए उन्होंने शहर के मोहल्ला दरगाह शरीफ़ इलाके में अपने आवास के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी। लाडले नेता कहते हैं कि मैं यहां कफ़न लेकर इसलिए बैठा हूँ कि अब या तो योगी-मोदी उन्हें न्याय देंगे या फ़िर यहां से उनका जनाज़ा उठेगा।
भूख हड़ताल पर बैठे लाडले ने दस्तावेज़ दिखाते हुए इस संवाददाता को भी चौंका दिया और बताया कि 12 वर्षों से वक़्फ़ नम्बर 19 पर जोड़-तोड़ करके अध्यक्ष की कुर्सी पर क़ाबिज़ शमशाद अहमद ने दरगाह शरीफ़ का सरकारी ऑडिट करवाना ही बंद करवा दिया और एक प्राइवेट ऑडिटर से आडिट रिपोर्ट बनवाकर काम चला रहा है। इसकी कोई लिखित अनुमति नहीं है और स्थानीय प्रशासन व वक़्फ़ बोर्ड उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की साँठ गाँठ से इस कृत्य को मौन स्वीकृति मिली हुई है।
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नियमानुसार एक करोड़ से ऊपर आमदनी के वक़्फ की ऑडिट सरकारी लेखा परीक्षा द्वारा किया जाना चाहिए। इस वक़्फ़ की आमदनी काग़ज़ों पर तो 7 करोड़ है जबकि यहाँ प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ की आय है। लाडले नेता ने बताया कि इस वक़्फ़ के अध्यक्ष ने वक़्फ़ भूमि पर अवैध क़ब्ज़ा कर करीब 2 करोड़ की लागत से आलीशान दो मंजिला मकान बनवा रखा है उसपर बुलडोज़र चलना चाहिए। इसी प्रकार दरगाह इलाक़े में शमशाद अहमद ने वक़्फ़ की भूमि पर करीब 200 दुकानों का निर्माण करवाकर बिना विज्ञापन के अपने सम्बन्धियों को दे दी हैं उनसे वसूला 5 से 7 लाख की हुई है और दरगाह की रसीद बहुत कम पैसों की काटी गई है।

