पटना में पीएफआई के फुलवारी शरीफ मॉड्यूल मामले में NIA ने एक बड़ा एक्शन लिया है. NIA ने 40 मुस्लिम नौजवानों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है. दरअसल बिहार के फुलवारी शरीफ में NIA ने एक मकान में रेड मारकर देश को 2047 तक इस्लामिक स्टेट बनाने के मिशन का खुलासा हुआ था. इस मकान में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किये गए थे. इन्ही दस्तावेज़ के आधार पर फुलवारी शरीफ और आसपास के 40 मुस्लिम युवाओं को नोटिस भेजा गया है.
दो लोगों से आज हुई पूछताछ
NIA ने इस मामले में गयासुद्दीन और सोनू नाम के युवकों से आज पूछताछ की है. कहा जा रहा है कि फुलवारी शरीफ के जिस मकान को किराये पर लेकर टेरर कैंप की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था यह सभी युवक उसमें शामिल हुए थे. बता दें कि इसी साल अगस्त महीने में इस मकान पर रेड के दौरान इन लोगों के नाम और पते मिले थे जिसके आधार पर पूछताछ के लिए इन मुस्लिम युवकों को एनआईए ने नोटिस भेजा है. मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ फुलवारी थाने में केस दर्ज किया है जिसमें से 5 लोगों की गिरफ्तारी अब तक हुई है, इसमें से 21 लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.
टेरर फंडिंग के पुख्ता सबूत
एनआईए को इन 26 अभियुक्तों के आवास पर भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं जिनमें टेरर फंडिंग के जो पुख्ता सबूत मिलते हैं उसी के आधार पर कई और लोगों पर शिकंजा कसा जा चुका है. वहीँ केंद्र सरकार ने PFI और उससे जुड़े संगठनों पर पाबन्दी लगाने के बाद बिहार की नितीश सरकार को 7 आतंकियों की एक सूची भेजकर UAPA के तहत कार्रवाई के लिए भेजा है. केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार के गृह विभाग ने इन सातों आतंकियों के बैंक खातों समेत संपत्तियों को खंगालना भी शुरू कर दिया है.

