प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव मोड में है। आज शनिवार को मौसम विभाग ने 39 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है उनमें 28 जिलों में येलो अलर्ट है और बाकी के 11 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट के जिलों में मौसम विभाग ने 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। जबकि येलो अलर्ट वाले जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटे में उप्र के 24 जिलों में 8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। गोरखपुर में हो रही लगातार बारिश से 50 से अधिक कॉलोनियों में पानी भर गया है। वहीं लखनऊ में शुक्रवार शाम से लगातार मूसलाधार बरसात हो रही है।
गोरखपुर के गीता प्रेस,रेती चौक,घोषकंपनी, साहबगंज मंडी, टाउनहॉल,बैंक रोड, हूमांयुपुर, रामनगर, मेडिकल रोड, कौशलपुरम, सिंघड़िया, कूड़ाघाट सहित दस से अधिक बाजार पानी से लबालब हैं। लखनऊ में रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सुबह से तेज हवाओं के चलने से मौसम काफी अच्छा हो गया है। वहीं आसमान में बादल छाए हुए हैं। बीते 24 घंटे में उप्र में आठ मिमी बारिश हुई है। ये बारिश कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर सहित प्रदेश के 24 जिलों में हुई है। बारिश होने से गोरखपुर और लखनऊ के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बताया जाता है कि बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी पाकिस्तान से उठने वाली दो हवाओं के कारण बने नम दबाव के चलते एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो गया है।
उप्र में अगले 24 घंटे के भीतर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं अधिकांश जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। कई स्थानों पर बिजली गिरने अंदेशा जताया गया है। वहीं गरज और चमक के साथ मूसलाधार बरसात का अलर्ट दिया गया है। जिन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया हैं उनमें राजधानी लखनऊ, उन्नाव, अयोध्या,बाराबंकी,सीतापुर, गोंडाए श्रावस्ती,बहराइच और अमेठी शामिल हैं। इन जिलों में बिजली की चमक के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं येलो अलर्ट वाले जिलों में मुरादाबार, बिजनौर, बरेली,रामपुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं,सीतापुर, लखीमपुर खीरी, कन्नौज, हरदोई, प्रतापगढ़,संत रविदास नगर, प्रयागराज, सुल्तानपुर अंबेडकरनगर, कानपुर नगर, कौशांबी,जौनपुर, कानपुर देहात, संभल, मैनपुरी, आगरा, अमरोहा, हाथरस, झांसी और चित्रकूट शामिल हैं। इन जिलों में बिजली गरज चमक के बीच 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

