Jamiat session: अरशद मदनी के बयान पर बवाल, संतों ने मंच छोड़ा

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दिल्ली के रामलीला मैदान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महाअधिवेशन के तीसरे दिन आज उस समय रायता फैलता नज़र आया जब अधिवेशन में मौलाना अरशद मदनी का भाषण ख़त्म हुआ. उनका पूरा भाषण सुनने के बाद जैन गुरु लोकेश ने मंच पर आकर अरशद मदनी की बातों से पूरी तरह सहमति जताते हुए कहा कि कि यह अधिवेशन लोगों को जोड़ने के लिए हो रहा है। ऐसे में इस तरह की बातें कहां तक ठीक हैं। जैन मुनि ने इसके बाद दूसरे धर्मों के संतों ने भी कार्यक्रम छोड़ दिया।

अरशद मदनी ने रायता फैलाया

अरशद मदनी के भाषण पर विरोध जताते हुए जैन मुनि ने कहा कि अच्छा भला कार्यक्रम चल रहा था, सभी धर्मों के लोग प्यार मोहब्बत की बातें कर रहे थे अचानक अरशद मदनी साहब ने पूरे कार्यक्रम में रायता फैला दिया। उन्होंने कहा कि अरशद मदनी अल्लाह आदम मनु की जो कहानी लोगों को बता रहे थे मैं ऐसी बहुत सी कहानी सुना सकता हूँ. जैन मुनि ने मंच से मौलाना अरशद मदनी को शास्त्रार्थ करने का चैलेंज भी दे डाला।

तुम्हारे परदादा हिंदू नहीं थे, मनु थे

बता दें कि अधिवेशन में बोलते हुए मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सबसे पहले भारत की धरती पर लाइलाहा इल्ललाह की आवाज़ उतरी थी. सबसे पहले आदम के रूप में आदम को भारत की धरती पर उतारा, आदम ही मनु थे. उन्होंने अल्लाह ॐ को एक बताया. मदनी ने कहा, धरती पर सबसे पहले आदम पैदा हुए जिसे हिन्दू मनु कहते हैं, उस समय आदम यानि कि नामु ने सिर्फ एक अल्लाह की इबादत की. उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख कहते हैं कि भारत में मुसलमान अपने धर्म के साथ रहना चाहे तो रहे और अगर चाहे तो अपने पूर्वजों के पास लौट आएं, मदनी ने कहा कि भागवत का कहने का मतलब है मुस्लमान हिन्दू बन जाएँ। मदनी ने कहा हमने तो मनु की चौखट पर सिर रखा हुआ है, हम कहां जाएंगे? मदनी ने ऐसा कहने वालों को जाहिल बताते हुए कहा कि तुम इस मुल्क की तारीख को नहीं जानते. अरशद मांडणी ने कहा हम इस मुल्क में 1400 साल से रह रहे हैं. उन्होने कहा कि तुम्हारे परदादा हिंदू नहीं थे, मनु थे और वो ओम की इबादत करते थे.

महमूद मदनी ने कार्यक्रम को संभाला

जिस समय मौलाना मदनी अपना भाषण कर रहे थे, साफ़ देखा जा सकता था कि जैन मुनि अपने को असहज महसूस कर रहे थे. वो पास में बैठे अन्य संतों से भी कुछ बात कर रहे थे. पास में बैठे मौलाना महमूद मदनी को भी अंदाज़ा हो गया था कि माहौल खराब हो रहा है इसलिए मौलाना अरशद मदनी का भाषण ख़त्म होने पर माइक संभालने जा रहे थे तभी जैन मुनि ने आगे भड़कर कार्यक्रम के प्रस्तोता को हटाकर माइक पर आये और अपना विरोध दर्ज कराया। ऐसे मौके पर मौलाना महमूद मदनी ने आगे आकर लोगों से अपील की ये हमारे मेहमान हैं उन्हें अपनी बात और विचार रखने का अधिकार है.

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