नई दिल्ली। जम्मू काश्मीर में हाल में बढ़ी आतंकी गतिविधियों और अमरनाथ यात्रा 2022 की सुरक्षा को लेकर आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में जम्मू काश्मीर में आतंकी गतिविधियों के अलावा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों को लेकर हाईप्रोफाइल प्लान तैयार किया गया। घाटी में चल रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की तैयारियों की भी गृहमंत्री ने समीक्षा की।
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बता दें कि पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते अमर नाथ यात्रा पूरी तरह से निरस्त रही थी। दो साल बाद अब इस साल आगामी 30 जून से अमरनाथ यात्रा तीर्थ यात्रियों के लिख शुरू की जा रही है। इस बार अमरनाथ यात्रा में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से पहले केंद्रीय गृहसचिव अजय कुमार भल्ला सुरक्षा के मसले पर पहले ही बैठक कर चुके हैं।
गृह सचिव भल्ला अब तक जम्मू काश्मीर और अमर नाथ यात्रा की सुरक्षा केा लेकर दो बैठकें कर चुके हैं। इसमें से एक 13 मई को दिल्ली में की गई थी और दूसरी 15 अप्रैल को जम्मू कश्मीर में बुलाई थी। इस बैठक में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ अरविंद कुमार, जम्मू कश्मीर के डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस दिलबाग सिंह, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह, डायरेक्टर जनरल आफ बार्डर रोड्स आर्गेनाइजेशन के राजीव चौधरी व सीमा सुरक्षा बल , भारत-तिब्बत बार्डर पुलिस व केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित कई आलाधिकारी शामिल किए गए थे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को आज सभी सुरक्षा संबंधी चीजों से अपडेट कराया गया और यात्रा वाले इलाके के सुरक्षा हालात से अवगत कराया। इस बार अमरनाथ तीर्थ यात्रा चुनौती पूर्ण कार्य है। बता दें कि जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ महीनों से आतंकियों द्वारा अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया गया है। माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योकि आने वाले दिनों में अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। बढ़ी आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने घाटी में तैनात सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करने के साथ ही आतंकरोधी आपरेशन को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

