नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कांग्रेस गांधी परिवार से जुड़े गैर सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन का विदेशी योगदान नियमन अधिनियम FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा की गई जांच के बाद हुई है।सूत्रों के मुताबिक राजीव गांधी फाउंडेशन Rajiv Gandhi Foundation का एफसीआरए FCRA लाइसेंस उसके खिलाफ जांच के बाद रद्द किया गया है। बता दें कि राजीव गांधी फाउंडेशन की इस समय अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। इसके अलावा राजीव गांधी फाउंडेशन के अन्य ट्रस्टियों में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं।बता दें कि राजीव गांधी फाउंडेशन की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए की गई थी।
सोनिया गांधी के नेतृत्व में जुलाई 1991 में बैठक हुई और फाउंडेशन के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। 1991 में स्थापित राजीव गांधी फाउंडेशन ने 1991 से 2009 तक स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, विकलांगता सहायता,महिलाओं और बच्चों आदि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया। राजीव गांधी फाउंडेशन वेबसाइट के मुताबिक, संगठन ने शिक्षा क्षेत्र में भी काम किया है।उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी फाउंडेशन और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को चीन से फंडिंग के मामले में जांच के लिए इंटर मिनिस्ट्रियल समिति का गठन किया था। मंत्रालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम,आयकर अधिनियम, विदेशी चंदा विनियामक अधिनियम आदि के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन की जांच के लिए समिति का गठन किया था।

