कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हुगली में आगजनी और हिंसा जारी है। जानकारी के मुताबिक, हुबली के रिशरा में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़की। बताया जा रहा है कि हिंसा में भाजपा नेता दिलीप घोष पत्थरबाजी में घायल हुए है। राज्यपाल ने पत्थरबाजों को चेतावनी दी है कि वे शांति बनाएं। अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने बताया कि शोभा यात्रा के दौरान महिलाओं और बच्चों पर पथराव किया गया। हावड़ा हिंसा के बाद भी राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वाहनों में तोड़फोड़ की जा रही है। आज कई जगहों पर शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें पत्थरबाजी की गई। गाड़ी के शीशे टूटे, लोगों को चोटें आई, पुलिसकर्मी भी घायल हुए है।
भाजपा विधायक समेत 30 घायल
हिंसा में भाजपा विधायक समेत 30 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी है। भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इसे एक सुनियोजित हमला करार देते हुए हिंसा के लिए बंगाल की ममता सरकार और तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। भाजपा ने दावा किया है कि हमले में उसके स्थानीय विधायक विमान घोष सहित 30 से 40 कार्यकर्ता घायल हुए हैं। विधायक समेत कई कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रामनवमी के उपलक्ष्य में निकाली जा रही इस शोभायात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष भी शामिल थे।
टीएमसी ने भाजपा पर लगाया आरोप
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हुगली में जो घटना हुई, वह भाजपा की पूर्व नियोजित योजना थी। ये लोग रामनवमी के नाम पर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हम स्थिति का जायजा ले रहे हैं। भाजपा देख रही है कि कौन ज्यादा हंगामा कर सकता है। दिलीप घोष या सुकांत मजूमदार।
भाजपा का टीएमसी पर पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इसे एक सुनियोजीत साजिश करार देते हुए इसके लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि शोभायात्रा जब मस्जिद के पास से गुजर रही थीए तभी उसके अंदर से अचानक हमला किया गया। पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही। उन्होंने घटना की NIA जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा और तत्काल मदद का अनुरोध किया।
राज्यपाल की उपद्रवियों को चेतावनी
हुगली मामले पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि गुंडों और अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वे माहौल बिगाड़ने के लिए हमारे बीच हैं। हमें उनसे सावधान रहना होगा। लोकतंत्र को पटरी से नहीं उतरने दिया जाएगा। राज्य इस आगजनी और लूटपाट को समाप्त करने के लिए कृतसंकल्पित है। कानून तोड़ने वालों को जल्द ही एहसास होगा कि वे आग से खेल रहे हैं।

