मुजफ्फरनगर में 2.2 डिग्री और मेरठ में 2.8 डिग्री टेंपरेचर रहा
मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश इन दिनों कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। मंगलवार को प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला सबसे ठंडा रहा और यहां का न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मेरठ में 2.8 डिग्री टेंपरेचर रहा और ठंड के मामले में वह दूसरे स्थान पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन और इसी तरह की ठंड झेलनी होगी उसके बाद तापमान में गिरावट आती जाएगी।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते पूरा उत्तर भारत कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। दिल्ली एनसीआर सहित पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री के आसपास हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी होने के चलते कम से कम दो दिन और इसी तरह की ठंड जारी रहेगी। उसके बाद थोड़ा राहत मिलने की उम्मीद है।
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ठंड के साथ प्रदूषण बढ़ाई चिंता
रिकाॅर्ड सर्दी के कारण ठंड से कड़कड़ा रहे लोगों को प्रदूषण की मार का भी सामना करना पड़ रहा है। बात करें उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की तो मंगलवार सुबह को यहां न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं रात 9 बजे प्रदूषण का स्तर 500 तक पहुंच गया। ठंड के मामले में कुल्लू की तरह हो चुका मेरठ के हालात प्रदूषण के मामले में दिल्ली जैसे हो गये हैं। हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में आ चुकी है। ऐसे में लोगों को खासकर सांस के रोगों और हार्ट, लंग्स इंफेक्शन से प्रभावित लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मौसम में आए बदलाव के कारण खांसी जुकाम और निमोनिया का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम में यह परिवर्तन छोटे बच्चों के लिए खासकर चिंता का विषय है।

