भारत का इतिहास तीन वर्गों में बांटा गया है, जिसमे दूसरे भाग को मध्यकालीन भारत कहा जाता है। इतिहास को पुनर्जागरण का भी दौर भी कहते है और आपको बता दे की इटली में सबसे पहले पुनर्जागरण हुआ था। वही, आज हम बुंदेलखंड के बारे में बात कर रहे है, जो अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा ये शूरवीरों का स्थल भी रहा है। यहां झांसी की रानी, मेजर ध्यानचंद, मैथलीशरण गुप्त जैसे महान लोगों का जन्म हुआ है | अगर आप भी बुंदेलखंड के इतिहास को जानना चाहते है तो इन जगहों की जरूर सैर करें-
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झांसी का किला
झांसी के किले का निर्माण बुंदेल नरेश बीर सिंह जूदेव ने 1613 में करवाया था | यहां बुंदेलों ने तकरीबन 25 वर्षों तक शासन किय, फिर मुगलों, मराठों और अंग्रेजों का शासन रहा। बाद में सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में झांसी की रानी ने किले से लड़ाई लड़ी थी। तो अगर आप बुंदेलखंड की सभ्यता को देखने के लिए झांसी का किला जरूर जाए |
खजुराहो
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खजुराहो है, जो की एक आकर्षण का केंद्र है | आपको खजुराहो में कई प्राचीन और मध्यकालीन विश्व प्रसिद्ध सनातन और जैन धर्म के मंदिर है | यहां पर काफी संख्या में पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं। आपको बता दे की इन इन मंदिरों का निर्माण चंदेल राजवंशों ने करवाया था |
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पांडव गुफा
पांडव गुफा मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में है, जहां महाभारतकालीन गुफा आज भी है | ऐसा मानते है की पांडव इस गुफा में ठहरे थे और इसी वजह से पांडव गुफा के नाम पर पचमढ़ी शहर का नाम रखा गया है।

