पश्चिम बंगाल में है 1500 साल पुरानी दुर्लभ वस्तुएं , एक बार जायेगा जरूर

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पश्चिम बंगाल में है 1500 साल पुरानी दुर्लभ वस्तुएं , एक बार जायेगा जरूर

मालदा पश्चिम बंगाल का एक पुराना शहर है जो अपने स्वर्णिम अतीत और बेशकीमती संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां उत्कृष्ट स्तर की वास्तुकला के नमूने हैं जो कि कलाप्रेमियों को बहुत आकर्षित करते हैं। इतिहास और कला के इतर मालदा आम की विशिष्ट प्रजाति के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां का मालदा आम पूरे विश्वभर में खाया जाता है। यहां के बाजारों में रेशम और जूट का एक से एक सामान मिलता है। इसलिए यदि आप कला के कद्रदान हैं,साथ ही इतिहास को करीब से जानने में रूचि रखते हैं तब तो आपको एक बार मालदा जाना ही चाहिए।आइए हम आपको बताते हैं मालदा के दर्शनीय स्थालों के बारे में। 

सलामी दरवाजा

सलामी दरवाजे के नाम से मशहूर इस दरवाजे का वास्तविक नाम दाखिल दरवाजा है। इस दरवाजे को तोप के इस्तेमाल के लिए उपयोग में लिया जाता था,यही वजह रही होगी कि इसे सलामी दरवाजा नाम मिला। दाखिल दरवाजे की बनावट अद्भुत है, इसे टेराकोटा एवं लाल ईंटों से सन् 1425 में बनवाया गया है। यह विशाल दरवाजा 21 मीटर ऊंचा और 34.5 मीटर चौड़ा है। दरवाजे को मालदा की शान भी कहा जाता है। 

एकलाखी मकबरा

जलाल-अद-दीन नामक एक हिंदु राजा था, जिसने इस्लाम धर्म अपनाया था। यह मकबरा उन्हीं का है, जो कि सन् 1431 में बनवाया गया था। यह मकबरा नायाब पत्थरों से बना हुआ है और इसकी आकर्षक नक्काशी अधिकांश कलाप्रेमियों को आकर्षित करती है। मकबरे के चारों ओर शानदार स्तंभ खड़े हैं।

कदम रसूल मस्जिद 

कदम रसूल मस्जिद को देखने धर्म प्रेमी जनता बहुत आती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि मस्जिद का संबंध पैगंबर मुहम्मद से है। इसे पाक स्थानों में गिना जाता है। इसका मस्जिद का नाम कदम रसूल मस्जिद इसलिए है क्योंकि कहा जाता है कि जब भी मुहम्मद यहां की चट्टानों पर चलते थे तो उनके पदचिह्नों के निशान बन जाते थे। यहां हर घर्म के लोग आते हैं। 

मालदा संग्रहालय

किसी भी स्थान पर जाओ और वहां के संग्रहालय को यदि नहीं देखो तो यात्रा को अपूर्ण ही माना जाता है और फिर यदि पश्चिम बंगाल के इतिहास को जानने चाहते हैं तब तो बेहद आवश्यक है कि मालदा के संग्रहालय जाया जाए। यहां लगभग 1500 वर्ष पुराने दुर्लभ शिलालेख, प्राचीन मूर्तियां, टेराकोटा वस्तुओं और चीनी मिट्टी के बरतनों का अच्छा संग्रह है। यहां की प्राचीन वस्तु एवं खंडहर प्राचीन बंगाल के सबसे महत्वपूर्ण शहरों के बारे में अच्छी और विश्वसनीय जानकारी देते हैं।

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