नई दिल्ली: असम के स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त मंत्री मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने एक सांप्रदायिक बयान दिया है, सरमा ने कहा कि मुस्लिम वोट की बीजेपी को जरूरत नहीं| ध्यान रहे असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुसलमानों को बताया साम्प्रदायिक
असम के मंत्री हेमंत सरमा ने गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “ये तथाकथित मिया बहुत ही सांप्रदायिक होते हैं और ये असमिया संस्कृति और असमिया भाषा को विकृत करने में लगे हुए हैं। इसलिए, मुझे इनके वोट से विधायक बनने की कोई उम्मीद नहीं है। आगे सरमा ने कहा “जो लोग असमिया संस्कृति और भाषा को खुले तौर पर चुनौती दे रहे हैं और पूरे भारतीय संस्कृति को चुनौती दे रहे हैं, उनके वोट हमें नहीं चाहिए।”
मुसलमान भाजपा को नहीं देते वोट
इससे पहले उन्होंने कहा था, अनुभव के आधार पर कह रहा हूं कि मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं देते हैं। उन्होंने पंचायत और लोकसभा चुनाव में हमें वोट नहीं दिया। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को वो सीटें नहीं मिलेंगी, जहां इन मुसलमानों के वोट ज्यादा हैं। राज्य की करीब 35 फीसदी आबादी मुस्लिम है।

