नई दिल्ली। पैगंबर पर टिप्पणी के विरोध में देश में हिंसक घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही है। पश्चिमी बंगाल में हालात भयावह हो गए हैं। हावड़ा के बाद मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा के बाद पूरी रात जिला दंगाइयों के कब्जे में रहा। जिसमें कई वाहनों को आग लगा दी गई। वहीं दर्जनों दुकानों को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया। स्थिति पुलिस के हाथ से निकलती देख विशेष सुरक्षा बलों की मदद ली गई। वहीं आरएएफ के हवाले जिले के कुछ हिस्से कर दिए गए है। हिंसा,अफवाहों और गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 14 जून तक के लिए मुर्शिदाबाद में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई। आरएएस के साथ ही पुलिस इलाके में मोर्चा संभाले हुए है।
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मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में उस समय तनाव फैला जब पुलिस ने पैगंबर पर टिप्पणी के विरोध में रैली का आयोजन के लिए जुटी भीड़ को हटाने की कोशिश की। हिंसक लोगों ने इसके बाद आगजनी शुरू कर दी। शाम को स्थिति को संभाल लिया गया था। लेकिन रात में 10 बजे के बाद बेलडांगा, मुर्शिदाबाद में फिर से हिंसा भड़क उठी और जिले में कई स्थानों पर आगजनी शुरू हो गई। तत्काल प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया। लेकिन हिंसा रूकी नहीं पुलिस के हाथ से स्थिति बाहर जाती देख जिले में आरएएफ को तैनात किया गया।
मुर्शिदाबाद और बेलडांगा में दंगाइयों पर काबू पाने के लिए पुलिस को रबर की गोलियां चलानी पड़ी। बता दें कि इससे पहले हावड़ा जिले में 13 जून तक के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं। हिंसाग्रस्त इलाकों में आगामी 15 जून तक धारा 144 लागू कर दी गई। भारतीय जनता पार्टी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा और निष्कासित नेता नवीन जिंदल द्वारा की गई विवादित टिप्पणी को लेकर शुक्रवार से देशभर में हिंसा जारी है। हिंसा कर रहे लोगों ने पुलिस वाहनों आग लगाई और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है।

