लखनऊ । अवैध वसूली को लेकर नगर निगम गाड़ी उठाने वाली कंपनी का सिलसिला जारी है। शनिवार को हजरतगंज इलाके में गाड़ी में बैठे शख्स के साथ ही क्रेन ने कार को उठा लिया। इस दौरान वह हंगामा करते रहा चिल्लाते रहा लेकिन क्रेन चालक गाड़ी लेकर चलता रहा। गाड़ी करीब 300 मीटर दूर कसमंडा अपार्टमेंट के पास जाकर खड़ी कर दी।
इस मामले में क्रेन चालक का कहना है कि गाड़ी पहले ऐसे ही खड़ी थी जब उसको उठाया गया तब अचानक से ड्राइवर आकर कार में बैठ गया। उसके बाद आगे पीछे चारों तरफ से गाड़ी आ गई ऐसे में वहां पर गाड़ी रोकना और उन को हटाना संभव नहीं था।
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वही कार चालक के समर्थक में करीब 10 से ज्यादा लोग कसमंडा पाटन पर एकत्र हो गए और आधे घंटे तक हंगामा किया। आरोप है कि अवैध वसूली के लिए यह लोग इस तरह की हरकतें करते हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग एक विशेष पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। दर्शन पिछले दिनों नगर निगम ने शहर की 53 पार्किंग निरस्त कर दी थी। दलील थी कि शासन की तरफ से आदेश आया है किस शहर में पार्किंग की व्यवस्था वहीं पर होगी जहां पर पार्किंग के साथ शौचालय पेयजल की व्यवस्था और तीन शेड होगा। इस आधार पर 53 पार्किंग निरस्त हुई है। पार्किंग निरस्त करने के दौरान शहर की मेयर संयुक्ता भाटिया का कहना था कि उस स्थान पर अगर कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी खड़ी करता है तो उससे कोई चालान नहीं किया जाएगा। लेकिन यह आदेश केवल मौखिक था और इसका फायदा उठाकर ठेकेदार और प्राइवेट संस्था के लोग वहां से गाड़ी उठाते हैं और गाड़ी मालिक से पंद्रह सौ से लेकर ₹25 तक की वसूली करते हैं। दोपहिया वाहन है तो उससे ₹800 तक की वसूली होती है।
इस पूरे मामले में अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह का कहना है कि इस तरह की शिकायत पहले भी आई हैं इस आधार पर कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ ब्लैक लिस्टेड करने के अलावा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार के साथ इस पूरे प्रकरण में कई आला अधिकारी मिले हुए हैं जिनके शह पर शहर में अवैध वसूली का यह धंधा फल-फूल रहा है। बताया जा रहा है कि हर महीने करीब ₹400 से ज्यादा की अवैध वसूली है।

