वोटिंग लिस्ट में नाम नहीं होने पर बरसे मुनव्वर राना, बोले- मुझसे तो मुल्ला भी नाराज और पंडित भी

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वोटिंग लिस्ट में नाम नहीं होने पर बरसे मुनव्वर राना, बोले- मुझसे तो मुल्ला भी नाराज और पंडित भी

लखनऊ। Uttar Pradesh Assembly Elections: देश के दिग्गज शायर मुनव्वर राना (Munawwar Rana) को मतदाता सूची में नहीं होने की वजह से वो वोट नहीं कर पाये। जिसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने यह दर्द बयां किया है। सरकार और चुनाव आयोग से खफा दिख रहे मुनव्वर राना ने मीडिया से बात करते हुए अपने दिल का दर्द बयां किया।

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वोटिंग लिस्ट (Voting list) में नाम नहीं होने की सूचना कब मिली के सवाल पर मुनव्वर राना ने कहा कि नहीं, हम वोटिंग करने गये ही नहीं थे। कल हमने पर्ची मंगवाई थी अपने स्थानीय सभासद से, तो पता चला कि मेरा नहीं ही नहीं है। हालांकि पत्नी का नाम है। मुझे जब पता चला कि मेरा नहीं है तो मैं गया ही नहीं वोट डालने और लोगों का होगा मुझे मालूम नहीं है। पत्नी का था लेकिन वो वोट करने नहीं गईं। बाकी और होंगे वो वोट करने गये या नहीं मुझे नहीं पता। हर आदमी अपने वोट को डालने और नहीं डालने का अधिकार रखता है।

वोटिंग लिस्ट में नाम काटे जाने पर सपा के लगातार आरोप के सवाल पर उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप तो लगा रहता है। बचपन से देखते आ रहे हैं। आज से 50 साल पहले जब समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का वजूद भी नहीं था, तबसे ऐसा होता आ रहा है। यह क्लर्कियल गलती हो सकती है। हवा चलती है तो कागज उड़ सकते हैं। कुछ भी हो सकता है। सुबह किसी ने पूछा कि वोट डालने जाइयेगा तो हमने कहा कि वोटरलिस्ट में नाम ही नहीं है। पता नहीं कैसे आप लोग तक बात चली गई। आप लोग से यह नौकरी छिनकर मुल्क का जासूस बना देना चाहिये। उन्होंने कहा कि साद कमर जलालवी का एक शेर है कि ‘कभी कहा ना किसी से तेरे फसाने को, ना जाने कैसे खबर लग गई जमाने को… ‘। हमने किसी से कहा नहीं और ना ही किसी से शिकायत है।

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सरकार से सीधी टक्कर लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम लगातार नाइंसाफी पर लगातार बोलते हैं। मेरी बदकिश्मती है कि मुझसे मुल्ला भी नाराज है और पंडित भी नाराज है। कुछ कहता हूं तो मुल्ला कहते हैं कि यह मुस्लिम नहीं है तो वहीं हिंदू कहते हैं कि यह पाकिस्तानी और आतंकवादी है। घरवाले कहते हैं कि बाबा दिमाग से काम नहीं लेते हैं। लेकिन, एक वोट से कुछ नहीं होता, क्या फर्क पड़ता है? उनको पाकिस्तानी कहे जाने के सवाल पर कहा कि इससे अंदाजा होगा कि यहां की सीबीआई है, इंटेलिजेंस है। वो नकारा है। अगर हम तालिबानी, पाकिस्तानी और अफगानी हैं तो मुझे क्यों नहीं पकड़ा गया। अगर हम सही हैं तो उन कुत्तों को क्यों नहीं पकड़ा गया। इसी तरह हमारा नाम काटा गया। यह तो प्रशासनिक लापरवाही है।

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