आज भव्य राम मंदिर में भगवान् विराजमान हो गए हैं। इसके साथ ही अयोध्या की विश्व पटल पर अलग पहचान बन गयी है। कल से देश-विदेश के लाखों राम भक्तों का अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के लिए आगमन होगा। एक अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रतिदिन 1 लाख से ज़्यादा राम भक्त और पर्यटक अयोध्या आ सकते हैं। राम मंदिर अब आस्था के अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बूस्टर डोज भी साबित होगा। राम मंदिर बनने से अयोध्या में बड़ी बड़ी कंपनियों के लिए अरबों रुपये के कारोबारी मौके बन गए हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में अयोध्या आने वाले भक्तों और पर्यटकों की संख्या हर साल लगभग 5 करोड़ के पार रहने उम्मीद है जिससे अयोध्या के पर्यटन उद्योग को ज़बरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इतनी भरी संख्या में लोगों के अयोध्या पहुंचने से यहां होटल, रियल एस्टेट, एयरलाइन, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, ट्रैवल, रेलवे, गाइड, पूजा सामग्री, मूर्तियां आदि कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए बड़ा अवसर मिलेगा। स्थिति को भांपते हुए देश के तमाम बड़े होटल चेन अयोध्या में होटल बना रहे हैं। यहाँ करीब 50 लग्जरी होटल खुलेंगे, साथ ही कई रियल एस्टेट कंपनियां अयोध्या में रेजिडेंशिय और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है।
रिसर्च के मुताबिक राम मंदिर बनने से उत्तर प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2025 से प्रति वर्ष 25,000 रुपये के अतिरिक्त कर राजस्व मिलने की उम्मीद है। विदेशी पर्यटकों ने यूपी को टूरिस्म के हिसाब से भारत में पांचवें सबसे पसंदीदा राज्य के रूप में रखा है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त 10,500 करोड़ रुपये का योगदान देता है। टूरिज्म और पर्यटन ने अयोध्या में 20,000 से अधिक नौकरियां पैदा की हैं। राम मंदिर के उद्धाटन के बाद अब पर्यटकों की संख्या में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। बता दें कि सरकार अगले 10 साल में प्राचीन पवित्र शहर अयोध्या को एक वैश्विक धार्मिक आकर्षण केंद्र बनाने के लिए 85,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। आपको बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर बनने से लेकर अब तक जमीन की कीमत में 900 फीसदी से अधिक का उछाल आ चुका है।

