मंकीपॉक्स संक्रमण दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रहा है, जिसको लेकर ICMR इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भारत में चेतावनी जारी की है। वहीं उन्होंने चेतावनी जारी करते हुये कहा है कि छोटे बच्चों को इस बीमारी से खतरा ज्यादा है, जिसके चलते इसके लक्षणों में खास नजर रखी जाये। वहीं भारत में अभी इसके मामले को लेकर अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सरकार फिर भी इसको लेकर हाई अलर्ट पर है। दूसरी ओर भारतीय प्राइवेट हेल्थ डिवाइस कंपनी त्रिविट्रोन हेल्थकेयर ने मंकीपॉक्स की जाँच के लिये एक RT-PCR टेस्ट किट तैयार की है, जहाँ यह किट केवल 1 घंटे में ही नतीजे दे सकेगी।
इसके साथ ही मंकीपॉक्स के मामलों की बात करें तो ताजा मामला अर्जेंटीना से सामने आया है, जहाँ स्पेन से लौटे से एक व्यक्ति में इस वायरस के लक्षणों की पुष्टि हुई है। वहीं इसके ठीक पहले मंगलवार को पश्चिम अफ्रीका से UAE लौटी एक महिला में इस वायरस के लक्षण पाये गये थे। इसके साथ ही अब तक 21 देशों में इस वायरस की पुष्टि हुई है, जहाँ 226 नये मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं WHO ने जानकारी देते हुये कहा कि 100 संदिग्ध मरीज ऐसे देशों से सामने आये हैं, जहाँ मंकीपॉक्स आमतौर पर नहीं पाया जाता है। दूसरी WHO ने आगे जानकारी देते हुये कहा है कि मंकीपॉक्स वायरस में अब तक कोई जेनेटिक बदलाव नहीं हुये हैं, इसके साथ ही यह वायरस अभी तक इंसानों में म्युटेट नहीं हुआ है।

