अपने पैसे को संभालना और अच्छी आमदनी को बनाए रखना ज़िंदगी का एक ऐसा हुनर है, जिसमें हर किसी को महारत हासिल करनी चाहिए। बीते कुछ सालों की परिस्थितियों और पूरी दुनिया में फैली भयंकर महामारी की वजह से अपनी आमदनी को सही जगह निवेश करने की अहमियत उजागर हुई है। हालांकि, अपनी छप्पर-फाड़ आमदनी को सेविंग्स अकाउंट में जमा करने से कुछ नहीं होगा। महंगाई आपकी जमा-पूंजी को तहस-नहस कर देती है, और इन दिनों लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए आपकी जमा-पूंजी बड़ी आसानी से खत्म हो सकती है। इसलिए, बचत करने के साथ-साथ सही वित्तीय साधनों में निवेश करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जो बढ़ती महंगाई का सामना करने में आपकी मदद करते हैं। और अंत में इससे आपकी जमा-पूंजी बढ़ेगी।
निवेश की बात की जाए, तो इस मामले में ‘सभी अंडों को एक टोकरी में नहीं डालने’ के सिद्धांत को समझना बेहद जरूरी है। अलग-अलग तरह के साधनों में निवेश करना महत्वपूर्ण है, जिससे आपके पोर्टफोलियो का जोखिम कम होगा और बाजार में गिरावट आने पर भी आपका निवेश सुरक्षित रहेगा। बाजार में कई तरह की स्कीम्स, योजनाएं और फाइनैंसियल टूल्स उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से कुछ गिनी-चुनी योजनाओं के इर्द-गिर्द चक्कर लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
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इसी वजह से हम ने आगे बढ़कर निवेश के कुछ विकल्पों का विश्लेषण किया, जिसकी सूची हम यहां आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि आप पूरे आत्मविश्वास के साथ निवेश का फैसला ले सकें।
- म्यूचुअल फंड्स
म्यूचुअल फंड्स निवेशों का एक समूह है। यहां कई निवेशक किसी कंपनी के स्टॉक या बॉन्ड में निवेश का विकल्प चुनते हैं। इस फंड को संभालने की जिम्मेदारी एक अनुभवी फंड मैनेजर के हाथों में होती है। प्रत्येक निवेशक अपनी यूनिट्स, यानी फंड की होल्डिंग्स के शेयर का मालिक होता है। इस तरह होने वाली आमदनी में से कुछ खर्चों को घटाने के बाद निवेशकों के बीच बांट दिया जाता है।
इस विकल्प में उच्च स्तर से लेकर मध्यम स्तर तक का जोखिम होता है। इस तरह के निवेश के साधन बाजार से जुड़े होते हैं। आपको मिलने वाला रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
- फिक्स्ड डिपॉजिट
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बेहतर वित्तीय साधन है, और भारत में बैंकों, डाकघरों तथा NBFCs द्वारा इस सुविधा की पेशकश की जाती है। इसमें निवेशकों को अपने सेविंग्स अकाउंट की तुलना में ज़्यादा ब्याज़ दर का फायदा मिलता है। फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश के बेहद कम जोखिम वाले साधन हैं, क्योंकि वे बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़े नहीं होते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज़ दर उस समय लॉक हो जाती है, जब आप इसमें निवेश करते हैं। इस तरह रिटर्न का पहले से अनुमान लगाना आसान हो जाता है और फिर आप उस रक़म को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बना सकते हैं। कम समय से लेकर मध्यम समय तक की जरूरतों को पूरा करने के लिए निवेश का यह विकल्प सबसे अच्छा है।
इस विकल्प में जोखिम बिल्कुल नहीं या बेहद कम होता है। बैंक और पोस्ट-ऑफिस FDs को क्रमशः RBI और सरकार द्वारा समर्थन दिया जाता, इसलिए वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, NBFC में निवेश करते समय केवल आपको सिर्फ एक सावधानी बरतनी है कि, निवेश करने से पहले आपको हमेशा ICRA और CRISIL की तरह भारत की अग्रणी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा NBFC को दी गई सेफ्टी रेटिंग की जांच करनी चाहिए। सेफ्टी रेटिंग जितनी ज़्यादा होगी, निवेश का साधन उतना ही सुरक्षित होगा। इसके बाद आप अपने रिटर्न, समय पर भुगतान आदि की चिंता किए बिना निवेश कर सकते हैं।
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) बाजार में उपलब्ध निवेश की सबसे सुरक्षित योजनाओं में से एक है। यह भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) योजना लोगों में बचत करने की आदत को बढ़ावा देती है। इसमें आप हर साल पैसे जमा कर सकते हैं और मैच्योरिटी पर आपको जमा की गई रक़म के साथ-साथ 15 सालों का ब्याज़ दिया जाता है। यह रिटायरमेंट को ध्यान में रखते हुए अपनी जमा-पूंजी को बढ़ाने के लिए बचत का सबसे अच्छा साधन है।
इन योजनाओं को सरकार की मदद से चलाया जाता है इसलिए यह निवेश का बेहद सुरक्षित विकल्प है। आपको धारा 80C के तहत टैक्स में 1.5 लाख रुपये तक का फायदा भी मिलता है। लंबे समय के निवेश के लिए यह सबसे बेहतर साधन है।
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इन साधनों के अलावा, आप सोने (गोल्ड) और रियल एस्टेट में भी निवेश कर सकते हैं। भारत के लोग सदियों से पैसे जमा करके सोना खरीदते हैं और प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं। इनमें निवेश करना भी बेहद सुरक्षित है और इन्हें मूल्यवान संपत्ति माना जाता है।
अलग-अलग तरह के साधनों में आपके निवेश का अनुपात आपकी जोखिम लेने की क्षमता, आपके लक्ष्यों और फंड की जरूरतों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। हालांकि, इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए कि जोखिमों को कम करने के लिए अपने पूरे पोर्टफोलियो में विविधता लाना बेहद जरूरी है। तो फिर इंतज़ार किस बात का है? अभी शुरुआत कीजिए! आपकी अच्छी बचत के लिए शुभकामनाएं!

