18वीं लोकसभा के पहले सत्र का पहला दिन काफी रोचक रहा, कोई हंगामा न होकर भी काफी कुछ हंगामाखेज रहा, कुछ नयी चीज़े भी देखने में आईं. विपक्ष काफी एकजुट दिखाई दिया और सबसे ख़ास बात संविधान की प्रति रही जो विपक्ष के सभी सांसदों के हाथों में देखी गयी वहीँ सत्ता पक्ष यानि NDA के किसी भी सांसद के हाथों में संविधान की प्रति नज़र नहीं आयी, संसद में आज विपक्ष की तरफ से कोई बैनर पोस्टर नहीं बल्कि संविधान की प्रतियों को हाथों में लेकर जताया गया कि इस बार संविधान से खिलवाड़ मुश्किल है.
संसद के बाहर जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पत्रकारों ने इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने मोदी और शाह को आड़े हाथों लेते हुए जवाब देते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जिस तरह से संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं, वो हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है, इसलिए हमने शपथ लेते हुए संविधान पकड़ा हुआ है।उनसे जब पूछा गया कि क्या ऐसा कर आप कोई संदेश देना चाह रहे हैं तो इस पर उन्होंने कहा कि हाँ, सन्देश साफ़ है उन लोगों के लिए जो संविधान समाप्त करने की कोशिश में हैं, सन्देश ये है कि हमारे लिए भारत का संविधान ही सब कुछ है और जो कोई भी इस पर आक्रमण करेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं, कोई भी शक्ति भारत के संविधान को छू नहीं सकती।
इससे पहले आज कार्यवाहक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) भर्तृहरि महताब ने सदन की कार्यवाही शुरू कराई और सदस्यों को शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री मोदी जड़ सदन की सदस्यता की शपथ ले रहे थे तब राहुल गाँधी और विपक्ष के दुसरे कई नेता उन्हें संविधान की प्रति दिखा रहे थे. वहीँ कांग्रेस ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में महताब के निर्वाचन पर आपत्ति जताई है।

