गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर असम की चाय को बदनाम करने वालों का समर्थन करने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि यदि एक चायवाला आपकी समस्या को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा।
प्रधानमंत्री ने स्वीडन की पर्यावरणविद ग्रेटा थुनबर्ग के विवादास्पद टूलकिट का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के विरोध में भाग लेने के कई तरीके थे। उन्होंने कहा कि इसका मकसद भारत के योग तथा चाय की छवि को बदनाम करना था।
श्री मोदी ने कहा, “ कांग्रेस सरकार तथा उसकी नीतियों ने असम को सामाजिक, सांस्कृतिक तथा भौगोलिक रूप से क्षति पहुंचायी है।” उन्होंने राज्य के लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा की नीति, नेतृत्व तथा इरादे नेक हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस के पास न नेता है और न नीति और न ही विचारधारा।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इतनी कमजोर हो गई है कि वह किसी भी हद तक जा सकती है और किसी से भी हाथ मिला सकती है।

