मेरठ। चीन की मोबाइल कंपनी वीवो की कारस्तानी के कारण लोगों का मोह भंग हो गया है। मेरठ,दिल्ली और एनसीआर में वीवो मोबाइल कंपनी का कारोबार काफी तेजी से नीचे गिर रहा है। हालात ये है कि दो महीने के भीतर ही वीवो कंपनी का मोबाइल बाजार 70 प्रतिशत तक गिर गया है। वहीं इसके वीवो रिटेल आउटलेट भी बंद होने लगे हैं। देश में चौथे लॉकडाउन के बीच स्मार्टफोन ब्रांड वीवो का कारोबार तेजी के साथ शुरू हुआ था। वीवो के सभी आउटलेट्स दिशा-निर्देशों के अनुसार चालू किए गए थे।
लेकिन जब एक ही आईएमईआई नंबर पर वीवो कंपनी के हजारों स्मार्ट फोन चलते पाए गए और कंपनी के बड़े प्रतिष्ठानों पर ईडी और आईटी की रेड पड़नी शुरू हुई तो बाजार पर भी इसका असर दिखाई दिया। कंपनी के ऊपर लगातार बढ़ते केस इसकी संदिग्ध गतिविधियों के चलते ही आर्थिक गतिविधियां कम होती चली गई। अब हालात हालात ये हो गए कि बीते महज दो महीने में वीवो मोबाइल फोन के बाजार में 70 फीसदी की गिरावट देखी गई है। व्यापारियों के मुताबिक वीवो कंपनी के मोबाइलों की बिक्री अब सिमटकर 30 प्रतिशत तक ही रह गई है। वीवो मोबाइल फोन की बाजार में भारी गिरावट के चलते ही दुकानों तक ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। वीवो के आउटलेट पर सन्नाटा पसरा है। मोबाइल कंपनी वीवो के आउटलेट व्यापारियों का कहना है कि कंपनी की धोखाधड़ी के कारण ही लोगों ने वीवो मोबाइल से दूरी बनाई है। मोबाइल के ग्राहक और थोक व्यापारी अब वीवो के मोबाइल खरीदी से डर रहे हैं। जिसके कारण वीवो मोबाइल का कारोबार काफी हद तक प्रभावित हुआ है।

