मेरठ। मेरठ पब्लिकेशन का बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है। मेरठ में करीब 50 बडे़ प्रकाशक हैं। जो कि मेरठ ही नहीं पूरे देश में किताबों की सप्लाई करते है। वहीं मेरठ में एनसीईआरटी की नकली किताबों की सप्लाई का भी धंधा काफी गहरी जडे़ जमाए हुए हैं। दो साल पहले एक भाजपा नेता की फैक्ट्री में छापा मारकर करोड़ों रूपये की एनसीईआरटी की पुस्तकें बरामद की गई थी। परतापुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस, के साथ ही एसओजी और एसटीएफ ने छापा मारने से भाजपा तक में हड़कंप मच गया था। भाजपा नेता के यहां छापेमारी में एनसीईआरटी की नकली किताबों के छापने का बड़ा नेटवर्क सामने आया था। जिसके तार देश की राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी फैले हुए थे। मेरठ और हापुड़ में एनसीईआरटी किताबों की छपाई होती थी और उसके बाद इन किताबों को दिल्ली से पूरे देश में सप्लाई किया जाता था। इन नकली किताबों की कीमत कई करोड़ रुपये आंकी गई थी। दो साल बाद भी मुकदमे की विवेचना विचाराधीन है।
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उसके बाद देर रात सोमवार को फिर से दिल्ली रोड स्थित सूर्यांपुरम कॉलोनी में एनसीईआरटी की नकली किताबों के प्रकाशन और उसकी सप्लाई का भंडाफोड़ एएसपी विवेक कुमार ने किया है। यहां से बड़ी मात्रा में अवैध रूप से छापी जा रही एनसीईआरटी किताबें जब्त कीं गई हैं। इन किताबों की कीमत लाखों में बताई जा रही है। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। एएसपी के अनुसार कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि कॉलोनी में एनसीईआरटी की नकली किताबों का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इसके चलते ब्रह्मपुरी पुलिस ने सूर्यापुरम कॉलोनी में छापा मारा। जहां पर एनसीईआरटी की नकली किताब छापने का काम चल रहा था। इस मामले की जानकारी एनसीईआरटी के अधिकारियों को दी गई है। आज एनसीईआरटी की टीम ने आकर पूरे मामले की जांच की और इसकी रिपोर्ट बनाकर पुलिस को सौंप दी है।

