कभी लालू के धोबी पछाड़ दाव से चित हुई थी भाजपा आज Tejashwi Yadav ने चटाई धूल,ऐसे लिखी नई सरकार की स्क्रिप्ट

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पटना। बिहार में सियासी उलटफेर हो गया है। 20 साल से अधिक समय तक घुर विरोधी रहे नीतीश कुमार की जदयू और लालू प्रसाद यादव का राजद सात साल के भीतर दूसरी बार सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं। सियासी घमासान के बीच जदयू और भाजपा का गठबंधन अब टूट गया। नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद के साथ मिलकर नई सरकार बनाने की तैयारी कर ली है। सूत्रों की मानें तो नीतीश और तेजस्वी यादव के बीच गठबंधन पर अब मुहर लग चुकी है। महागठबंधन की सरकार बनने का खाका तैयार हो चुका है। सात साल पहले लालू प्रसाद ने भाजपा को अपने धोबी पछाड़ दाव से चित कर दिया था आज लालू के पुत्र तेजस्वी ने भाजपा दिग्गजों को धूल चटा दी। 

ध्यान देने वाली बात यह है कि राजद और जदयू के बीच गठबंधन ऐसे समय में हुआ जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में जमानत पर हैं और दिल्ली एम्स में इलाज करवा रहे हैं। इससे पहले जब साल 2015 में राजद और जदयू के बीच गठबंधन हुआ तब भी लालू प्रसाद यादव जमानत पर बाहर थे। यह संयोग कहा जाएगा कि जदयू और राजद दो बार सरकार बनाने को साथ आए और दोनों बार ही लालू यादव जेल से बाहर। 2015 में  महागठबंधन की सरकार बनाने का पूरा श्रेय लालू प्रसाद यादव को जाता है। नीतीश कुमार के साथ गठबंधन का फैसला पूरी तरह से लालू प्रसाद यादव का था और लालू यादव की वजह से राजद को सीटों में इजाफा हुआ था। 2015 में राजद और जदयू के बीच गठबंधन हुआ तो इसके लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश और लालू यादव एक साथ सामने आए थे। उस समय गठबंधन में लालू प्रसाद यादव जरिया बने थे क्योंकि लोकसभा चुनाव में करारी हाल के बाद राज्यसभा चुनाव के दौरान समर्थन मांगने नीतीश कुमार, लालू प्रसाद से मिलने गए थे। उसी मुलाकात में गठबंधन की स्क्रिप्ट लिखी गई।  इस बार जब फिर से राजद और जदयू साथ आए तो इसकी पटकथा लालू की मौजूदगी में लिखी गई।

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सूत्रों की मानें तो बीते दिनों जब लालू प्रसाद यादव पटना के अस्पताल में भर्ती थे। तो उस समय नीतीश कुमार उनका हाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि सरकारी खर्चे पर इलाज के लिए लालू यादव को दिल्ली भेजेंगे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो गठबंधन स्क्रिप्ट का पहला पन्ना यहीं लिखा गया था। सूत्रों की माने तो 2015 में लालू का कमाल दिखा था। इस बार लालू से अधिक उनके छोटे लाल यानी तेजस्वी का कमाल दिखा। इस बार गठबंधन को लेकर तेजस्वी यादव फ्रंट फुट से खेलकर  दिखा दिया कि उनमें भी दम है। हालांकि इसमें लालू प्रसाद यादव की भूमिका है। क्योंकि समय.समय पर तेजस्वी यादव पिता लालू यादव को अपडेट दे रहे थे। बल्कि उनसे नए समीकरण को लेकर मशविरा भी ले रहे थे। बताना जरूरी है कि राजद में तेजस्वी यादव की अघोषित ताजपोशी पहले ही हो चुकी है। तेजस्वी यादव को जल्द ही राजद की कमान मिल सकती है। क्योंकि लालू यादव की सेहत खराब है और अब वह पहले की तरह नीतिगत फैसले नहीं लेते हैं।

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