मेरठ। कल एक अक्टूबर 2022 से दिल्ली एनसीआर में ग्रेप सिस्टम यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होने जा रहा है। इस बार अन्य सालों की अपेक्षा इसको 15 दिन पहले लागू किया जा रहा है। ग्रेप सिस्टम को लागू करने की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। ग्रेप सिस्टम को पूरी तरह से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा अन्य तीस विभाग भी मिलकर काम करेंगे। इनमें ट्रैफिक पुलिस,नगर निगम, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका, एनएचएआई, आरटीओ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग भी शामिल किए गए हैं। बता दें कि अक्टूबर और नवंबर के महीने में एनसीआर की आबोहवा बुरी तरह से खराब हो जाती है। हालात काफी भयावह हो जाते हैं। मेरठ और एनसीआर के जिलों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के पार तक पहुंच जाता है। दीपावली के आसपास तो यह स्थिति और भी भयावह होती है। दीपावली के दौरान एक्यूआई 500 से ऊपर पहुंच जाता है। जिसका खामियाजा हृदय, दमा रोगियों को सामना करना पड़ता है। वैसे तो कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट प्रतिवर्ष 15 अक्तूबर से ग्रेप सिस्टम लागू करता है। लेकिन इस बार सभी विभागों को 15 दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण पर काम करने के लिए निर्देश दिए हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि एक्यूआई को अभी तक तीन श्रेणियों में रखा है। लेकिन अब इसकी चार श्रेणियां बनाई हैं। इस बार दिल्ली के एक्यूआई को पूरे एनसीआर का माना है। यदि दिल्ली का एक्यूआई ज्यादा रहता है तो पूरे एनसीआर में उसी आधार पर काम होगा। इन श्रेणियों में स्टेज एक की श्रेणी को काफी खराब माना है, जिसमें एक्यूआई 201 से 300 तक रखा गया है। स्टेज दो की श्रेणी अति खराब मानी गई है। जिसमें एक्यूआई 301 से 400 तक मानक हैं। तीसरे स्टेज में सीवियर एक्यूआई को 450 तक रखा गया है। जबकि स्टेज चार को सीवियर प्लस यानी एक्यूआई 450 से ऊपर माना गया है। इस बार ग्रेप 15 दिन पहले ही लागू किया जाएगा। पहले एक्यूआई तीन श्रेणी में दर्ज किया जाता था। इस बार एक श्रेणी को और बढ़ा दिया गया है।

