लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के 20 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता अर्जित करने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसमें लगातार वृद्धि किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सैम्पल संग्रहित करते हुए तेज गति से किया जाने वाला टेस्टिंग कार्य कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने मेरठ मण्डल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोविड-19 की चेन को तोड़ने के लिए सर्विलांस कार्यों में तेजी लाते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। मेरठ मण्डल में 01 से 07 जुलाई, 2020 की अवधि में एक विशेष कार्यक्रम संचालित किया जाए। ग्राम पंचायत तथा वाॅर्ड स्तर पर संचालित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। इसके लिए मीडिकल स्क्रीनिंग टीम को इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आक्सीमीटर उपलब्ध कराया जाए। मेडिकल स्क्रीनिंग में लक्षणों के आधार पर संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराया जाए। संक्रमित होने की दशा में ऐसे व्यक्तियों को उपचार के लिए कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया जाए।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कराए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अनलाॅक व्यवस्था में पूरी सावधानी बरतते हुए औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं अन्य कारोबारी गतिविधियों का संचालन जरूरी है। इसके दृष्टिगत औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना इन इकाइायों में कार्यरत लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग में यह भी सुनिश्चित हो कि जहां 05 अथवा उससे अधिक व्यक्ति कार्यरत है, वहां मेडिकल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कड़ाई से कराया जाए। उद्योग क्षेत्र में संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की नियमित माॅनिटरिंग की जाए। उन्होंने ऐसे समस्त स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग आते हों।

