मेरठ। सर्विलांस की मदद से अपराधियों तक पहुंचने वाली योगी की खाकी अभी तक मीट माफिया भगोड़े याकूब (Meat Mafia Fugitive Yakub) और उसके परिवार तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार याकूब कुरैशी(Yakub Qureshi) को जिले के एक भाजपा नेता की छत्रछाया मिली है। ये वहीं भाजपा नेता है जिसका नाम हापुड रोड स्थित अवैध कमेले को संरक्षण देने के मामले में आया था। बताया जा रहा है कि इसी कारण से अभी तक याकूब कुरैशी और उसका परिवार अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
वहीं ये भी कहा जा रहा है कि याकूब कुरैशी हर महीने संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आर्थिक रूप से मदद पहुंचाता रहता था। मजबूत सर्विलांस के जरिए अपराधियों तक पहुंचने वाली पुलिस आज याकूब कुरैशी के मजबूत नेटवर्क के आगे पस्त नजर आ रही है। वहीं याकूब कुरैशी अपने इसी नेटवर्क के जरिए भूमिगत होकर मेरठ प्रशासन और पुलिस को कानूनी दांवपेंच में उलझाकर रखे हुए हैं। अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड(Al Fahim Meetex Private Limited) में बिना अनुमति के मीट पैकिंग(Meat Packing) के मामले में आरोपी पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी उसकी पत्नी शमजिदा और दोनों बेटे इमरान और फिरोज पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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पुलिस द्वारा याकूब और उसके परिवार को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। याकूब की संपत्ति कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन याकूब और उसके परिवार का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। याकूब और उसके परिवार का पता लगाने में पुलिस सर्विलांस (police surveillance) और उसका मुखबिर तंत्र अभी तक पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। वहीं याकूब कुरैशी(Yakub Qureshi) और उसके बेटे इमरान का लुक आउट नोटिस (Notice) जारी भी किया जा चुका है।

