- ब्रीफिंग और तैयारियां सही तरीके से न किये जाने का आरोप
- एसआईटी जांच में एसपी ग्रामीण को भी दोषी ठहराया गया
कानपुर। उत्तर प्रदेश के चर्चित बिकरू कांड की हुई एसआईटी जांच में शहीद शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा को भी दोषी ठहराया गया है। हालांकि एसआईटी रिपोर्ट में सीओ के शहीद हो जाने के कारण कोई कार्रवाई न बनने की बात लिखी गयी है। वहीं इस कांड में एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव को भी दोषी बताया गया है।
बिकरू में विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर जबरदस्त हमला किया गया था। इस बिकरू कांड में सीओ सहित कई आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इस दुस्सहासिक हत्याकांड की जांच एसआईटी को सौंपी गयी थी। एसआईटी की रिपोर्ट में कई पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करने के साथ बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ देवेन्द्र मिश्रा को भी दोषी माना गया है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के अनुसार देवेंद्र मिश्रा ने लंबे समय तक बिल्हौर सर्किल का चार्ज संभाला था और उन्हें विकास दुबे की क्रिमिनल हिस्ट्री की भली-भांति जानकारी थी। मगर दो जुलाई को विकास दुबे की दबिश पर जाने के दौरान उन्होंने सही तरीके से टीम को जानकारी नहीं दी और न ही पूरी तरह से तैयारी की थी। हालांकि एसआईटी ने सीओ के शहीद हो जाने के कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न बनने की बात भी रिपोर्ट मेें लिखी है।
वहीं एसआईटी जांच में दोषी ठहराये गये एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने दबिश पर जाने से पहले बाॅडी प्रोटेक्टर, बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट आदि उपकरणों की व्यवस्था की जांच नहीं करायी। इस मामले में एसपी ग्रामीण से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हाॅलांकि एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बिकरू कांड से कुछ दिन पहले ही पदभार ग्रहण किया था।
इस संबंध में आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने बताया कि एसआईटी जांच में शहीद सीओ और एसपी ग्रामीण को दोषी ठहराया गया है। इस प्रकरण में एसपी ग्रामीण का स्पष्टीकरण भिजवा दिया गया है। उन्होंने बिकरू कांड से कुछ दिन पहले ही ज्वाॅइन किया था।

