बारिश का कहर: उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है। कोटद्वार और निकटवर्ती पर्वतीय इलाकों में 16 घंटे हुई मूसलाधार बारिश से तबाही मच गई है। गिवाईस्रोत, पनियाली गदेरे और खोह नदी रौद्र रूप में आ गई। जिससे करीब एक दर्जन मकान नदी में समा गए हैं। दो बसें बह गई। इसी के साथ करीब 10 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। आमपड़ाव, कौड़िया सहित 20 वार्डों के सैकड़ों घरों में पानी और मलबा घुस गया है।
शाम से पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त व्यस्त है। रात को खाेह नदी के उफान पर आने से शहर सनेह क्षेत्र से जोड़ने वाले गाड़ीघाट पुल एप्रोच रोड पूरी तरह से बह गई। मंगलवार रात हुई अतिवृष्टि ने दुगड्डा ब्लाॅक और मालन घाटी में भारी तबाही मचा दी। चूना महेड़ा गांव में दर्जनों मकान ध्वस्त हो गए। जबकि कई मकान मलबे में दबे हैं।
गदेरे ने पूरी रात लोगों को दहशत में रखा
शहर के बीचोंबीच से निकला तीन किमी पनियाली गदेरा अतिक्रमण के चलते साल 2017 से काल बना हुआ है। हर साल गदेरा शहर की आबादी को प्रभावित करता है। लेकिन शासन प्रशासन की तरफ से इसके अतिक्रमण को हटाने की कवायद फाइलों में चल रही है।
नतीजा यह है कि इस साल गदेरे ने पूरी रात लोगों को दहशत में रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस तंत्र के अलर्ट रहने और लोगों की जागरूकता से जनहानि से बचा जा सका है।
भारी बारिश से कई आपदाएं
समूचा कोटद्वार भवर क्षेत्र में भारी बारिश से कई आपदाएं हुई हैं। मालन पुल ढहने से बड़ी आबादी कण्वाश्रम मवाकोट के जंगल से बने संपर्क मार्ग से आवाजाही कर रही है। भारी वाहनों के संचालन के लिए मालन नदी में बनाया ह्यूम पाइप कॉजवे क्षतिग्रस्त है। मूसलाधार बारिश से नदियों के तट पर स्थित लोग बाढ़ के प्रति सचेत हैं। रात को आठ बजे के बाद जैसे पनियाली समेत नदी नाले उफनाने लगे। पुलिस तंत्र हरकत में आ गया और लोगों को बचाव के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

