महाराष्ट्र की राजनीती में आज उस समय भूचाल आ गया जब पता चला शिवसेना के कद्दावर नेता एकनाथ शिंदे लगभग दो दर्जन से ज़्यादा विधायकों के साथ not reachable हो गए. खबरों के अनुसार यह सब सूरत के किसी होटल में ठहरे हुए हैं. कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र अघाड़ी सरकार से बेहद नाराज़ हैं. वहीँ शिवसेना का आरोप है कि भाजपा उद्धव सरकार को गिराना चाहती है, वहीँ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली तलब किये जाने की खबर है.
जानकारी के अनुसार एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के 13 विधायक हैं जबकि बाक़ी विधायक निर्दलीय और कुछ छोटी पार्टियों के हैं. इसमें उद्धव सरकार के पांच मंत्री बताये जा रहे हैं, कहा जा रहा है कि सबके फोन संपर्क के बाहर बताये जा रहे हैं. एकनाथ शिंदे उद्धव सरकार में मंत्री हैं और मातोश्री के बेहद करीबियों में बताये जाते हैं.
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एकनाथ शिंदे वही नेता हैं जिनका नाम कभी मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में सामने आया था. दरअसल जब महाराष्ट्र विकास अघाड़ी अपना स्वरुप ले रहा था तब सबसे पहले मुख्यमंत्री के रूप में एकनाथ शिंदे का ही नाम सबसे पहले सामने आया था लेकिन कांग्रेस उद्धव ठाकरे के नाम पर राज़ी थी, ऐसे में कांग्रेस ने एकतरह से एकनाथ के अरमानों पर पानी फेर दिया था.
बताया जा रहा है कि शिंदे की पुरानी इच्छा फिर जागी है या कह सकते हैं कि भाजपा ने जगाई है और अब अचानक वह 25 विधायकों के साथ सबसे सुरक्षित जगह गुजरात में डेरा डाले हुए हैं. वहीं शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि एकनाथ शिंदे शिवसेना के वफादार हैं और पार्टी के साथ संपर्क में हैं. राउत ने कहा कि बाकी विधायकों से भी बात हुई है, वो सब भी पार्टी के वफादार हैं लेकिन उनको क़ैद किया गया है. राउत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश और कर्नाटक की तरह भाजपा साज़िश के तहत महाराष्ट्र की सरकार भी गिराना चाहती है.

