मेरठ। महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के मौके पर आज मंगलवार को चारों ओर माहौल पूरी तरह से शिवमय हैं। पश्चिमी उप्र के विभिन्न जिलों में स्थित शिवालयों में शिवभक्तों की लंबी कतारें लगी हुई है। मेरठ के प्रसिद्ध औघडनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइनें लगी हुई है। मंदिर में आधी रात से ही कांवडियों का आना शुरू हो गया था। वहीं शिवभक्तों की भी लाइनें पूजा के लिए लगने लगी थी। सुबह पांच बजे ते लाइन भगत लाइन के चौराहे तक पहुंच गई थी। मंदिरों में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। औघड़नाथ मंदिर के अलावा पुरा महादेव में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचे हैं।
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) से पहले सोमवार को ही पर्व की तैयारियां पूरी कर ली गई थी। सोमवार से की मंदिरों में आस्था और उल्लास का संगम उमड़ रहा है। हरिद्वार से गंगा जल लेकर आए कांवडिय़ों ने दरबार में हाजिरी जल चढ़ाया। कुछ ने त्रयोदशी के मौके पर जलाभिषेक किया। मुजफ्फरनगर के मोरना के ककराला स्थित जुड़ेश्वर महादेव में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी है।
औघडऩाथ मंदिर और बिल्वेश्वर महादेव में काफी संख्या में कांवडिय़े इस बार हरिद्वार से गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए पहुंचे हैं। औघड़नाथ मंदिर में रात 12 बजे के बाद से ही भक्तों की लाइनें लग गई थी। भक्तों ने शिव और पार्वती के विग्रहों को नए परिधान और श्रृंगार सामग्री चढाई। वहीं मंदिर गर्भगृह को फूलों से सजाया गया है। दो साल बाद कोरोना मुक्त माहौल में महाशिवरात्रि पर पूजा (Worship on mahashivratri) करके भक्तों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है। मंदिर में फूल बंगला सजाया गया है। मंदिर परिसर में 18 जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
Read also: उज्जैन में महाशिवरात्रि पर क्षिप्रा के तट पर प्रज्जवलित होंगे 21 लाख दीप
मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खुले और भक्तों का गरुड़ द्वार से प्रवेश किया। वहां से जलाभिषेक के लिए पात्र लेकर लाइनों में लगकर भगवान का पूजन किया। इसके बाद भक्तों की निकासी नंदी द्वार से हो रही है। आज शाम छह बजे विशेष आरती के बाद रात में चार प्रहर का पूजन किया जाएगा। आज पूरी रात्रि में मंदिर परिसर खुला रहेगा।

