महाकुम्भ में आज सुबह हुई भगदड़ के बाद हुई मौतों की बात शाम तक योगी सरकार ने अंततः मान ली है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भगदड़ में 30 मौतें हुई हैं, हालाँकि मीडिया में यह संख्या ज़्यादा बताई जा रही है. 30 मौतों की बात मानते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जुडिशियल जांच कराने का आदेश दिया है, साथ मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रूपये का मुआवज़ा देने की बात की है। हादसे की जाँच जस्टिस हर्ष कुमार की अध्यक्षता में पूर्व डीजी की अगुआई में की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ आज हुए हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके. इस घटना में कई लोगों की जान चली गई, और अब उनकी वजहों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की जाएगी. महाकुंभ में हुई भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. यह मुआवजा मृतकों के परिजनों को दिया जाएगा.
डीआईजी कुंभ और मेला अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारी भीड़ के कारण बैरिकेड्स टूट गए, जिसके बाद लोग एक-दूसरे को कुचलते चले गए. इस भगदड़ के कारण 90 लोग घायल हो गए और जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई. घायल व्यक्तियों को कुंभ क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है. हालाँकि कुंभ नगर के एसएसपी राजेश द्विवेदी इस घटना को भगदड़ मानने से ही इनकार कर दिया है और यह भी कहा कि कोई मौत नहीं हुई है. दरअसल मौतें होने की बात को स्वीकारने से दिनभर बचने के बाद 30 मौतों की बात को प्रशासन ने स्वीकार किया है.

