सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच 14 सितंबर को फिर आलोचनाओं के घेरे में आ गईं। विपक्षी कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने आरोप लगाया कि बाजार नियामक के प्रमुख ने सूचीबद्ध प्रतिभूतियों और चीन सहित विदेशी फंडों में निवेश किया है। इस तरह सेबी के हितों के टकराव संहिता का उल्लंघन किया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि बुच ने पहले पूर्णकालिक सदस्य और फिर सेबी अध्यक्ष के तौर पर 2017-2023 के बीच 36.9 करोड़ रुपये की सूचीबद्ध प्रतिभूतियों में कारोबार किया।
कांग्रेस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “यह बोर्ड के सदस्यों के लिए हितों के टकराव पर सेबी की संहिता (2008) की धारा 6 का उल्लंघन है।” पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि 2017-2021 के बीच बुच के पास विदेशी संपत्ति थी।
कांग्रेस के अनुसार, 2021-2024 के बीच माधबी पूरी बच ने वैनगार्ड टोटल स्टॉक मार्केट ETF (VTI), ARK इनोवेशन ETF (ARKK), ग्लोबल एक्स MSCI चाइना कंज्यूमर (CHIQ) और इनवेस्को चाइना टेक्नोलॉजी ETF (CQQQ) में निवेश किया।
कांग्रेस ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “यह जानना बेहद चिंताजनक है कि सेबी की अध्यक्ष माधबी पी. बुच चीनी फंडों में निवेश कर रही हैं।” “हम पूछते हैं कि उन्होंने पहली बार विदेशी संपत्ति कब घोषित की और सरकार की किस एजेंसी के समक्ष? क्या यह सच है कि माधबी पी. बुच एगोरा पार्टनर्स PTE (सिंगापुर) में सक्रिय रूप से शामिल थीं क्योंकि वह बैंक खाते की हस्ताक्षरकर्ता थीं?”

