लखनऊ। लखनऊ नगर निगम में कार्यदायी संस्थाएं कर्मचारियों के नाम पर बड़ा खेल कर रहीं हैं। इसका अंदेशा इस बात से लगाया जा सकता है कि महापौर संयुक्ता भाटिया के औचक निरीक्षण में कर्मचारियों की संख्या कम मिली। जिसके बाद महापौर को बताया कि कर्मचारी बिना बताये नहीं आये हैं।
हालांकि मेयर ने कार्यदायी संस्था से कहा कि अगर ऐसा है तो एक घंटे का समय है और ड्यूटी पर नहीं आये कर्मचारियों को बुला लो, लेकिन कंपनी ऐसा नहीं कर पायी। जिसके बाद मेयर ने कार्यदायी संस्था को वार्ड से हटा दिया। एक वार्ड में करीब 22 कर्मचारी गायब थे।
सूत्रों का दावा है कि कर्मचारियों की संख्या को कार्यदायी संस्था ने जानबूझकर ज्यादा दिखाया है, क्योंकि हमेशा फिल्ड पर काम करने वाले कर्मचारी रोज इतने ही होते हैं जो औचक निरीक्षण के दौरान थे।
कंपनी ज्यादा लोगों का नाम दिखाकर नगर निगम से भुगतान कराती है। सोमवार को महापौर संयुक्ता भाटिया ने सोमवार को शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड के आदिल नगर, वसुंधरा पुरम, गन्ने का पुरवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास जैसे कई इलाकों में सफाई कार्य का औचक निरीक्षण किया।
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निगम कर्मियों को बिना बताए सुबह ही पहुंचीं महापौर को सफाई कार्य संतोषजनक नहीं मिला। कई मोहल्लों में नालियां बजबजाती मिलीं और कूड़े से पटी मिलीं। औचक निरीक्षण के दौरान कई मोहल्लों में मात्र 1 महिला सफाई कर्मचारी ही नजर आई।
औचक निरीक्षण की सूचना प्राप्त होने पर पहुंचे दूसरे वार्ड में सुपरवाइजर ने बताया कि शंकरपुरवा द्वितीय के इंस्पेक्टर बृजेश आज छुट्टी पर हैं। स्थानीय निवासियों से पूछने पर महापौर को बताया आज तक कभी कोई सफाईकर्मी नही दिखाई दिया। नालियां सब कूड़े से जाम हैं और गंदगी से बजबजा रही है।
महापौर ने अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कर्मचारियों की अपने सामने कराई गिनती
वार्ड के मोहल्लों में सफाईकर्मी नज़र नहीं आने पर महापौर ने कार्यदायी संस्था एवं एसएफआई को मौके पर तलब किया और समय देते हुए सामुदायिक केंद्र पर सभी संविदा और कार्यदायी के कर्मचारियों की गिनती कराने के लिए निर्देशित किया।
महापौर ने वार्ड में जगह जगह पड़े मलबे पर नाराजगी जताते हुए नगर अभियंता को मालवा सफाई के निर्देश दिए, एक स्थान पर नाला कूड़े से पटा मिला, अवर अभियंता से पूछने पर पता चला कि उक्त नाला सफाई का टेंडर नही किया गया जिसपर महापौर ने अवर अभियंता को तत्काल नाला सफाई कराने के लिए टेण्डर जारी करने के लिए निर्देशित किया।
साथ ही नाले पर जमा अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने के लिए भी निर्देशित किया। सामुदायिक केंद्र पर सफाई कर्मियों की गिनती के दौरान 22 संविदा कर्मचारियों में से 18 मौके पर पाए गए। साथ ही कार्यदायी संस्था के 63 कर्मचारियों में से मात्र 4 सुपरवाइजर सहित कुल 26 कर्मचारियों को 1 घंटे का समय देने के बाद भी भी मौके पर कार्यदायी संस्था बुला ना सकी।
वार्ड में व्याप्त भीषण गंदगी पर नाराजगी जताते हुए महापौर ने सुपरवाइजर ब्रजेश को निलंबित करने के निर्देश दिए साथ ही कार्यदायी संस्था को वार्ड से हटाने के लिए नगर आयुक्त अजय द्विवेदी को निर्देश दिए।
महापौर संयुक्ता भाटिया ने एसएफआई राकेश को भी फटकार लगाते हुए 2 दिन में पूरे वार्ड में सफाई कराने के भी दिए निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि सफाई कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
औचक निरीक्षण के दौरान महापौर संयुक्ता भाटिया के साथ मण्डल अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह, एसएफआई बृजेश, अवर अभियंता अरुण मेहता एवं स्थानीय निवासी मौजूद रहे।

